किसानों को चिंता सताने लगी
बुढ़ाना (मुजफ्फरनगर)। किसान अपने खाली पडे़ खेतों में गेहूं की बुआई में लगे हुए हैं। इस बीच अचानक आकाश में बादल देखकर किसानों को चिंता सताने लगी है।
ज्वार के खाली पडे़ खेतों में किसानों ने गेहूं की अगेती फसल की बुआई कर दी है। किसान गन्ने के खेतों को खाली करके उसमें भी गेहूं की बुआई की तैयारी में जुटा है। किसानों के लिए नवंबर का महीना गेहूं व चने की बुआई के लिए सर्वोत्तम माना जाता है। किसान अपने गन्ने को चीनी मिलों पर तथा निजी क्रेशर व कोल्हू में डालकर खेत खाली कर रहे हैं। रविवार शाम करीब चार बजे आसमान में अचानक बादल किसानों को चिंता सताने लगी है। इस महीने में यदि वर्षा हुई तो किसानों की गेहूं की बुआई अधर में लटक जाएगी। गेहूं की बुआई का उत्तम समय किसानों के हाथों से निकल जाएगा। देहात के किसानों को पूरा ध्यान अपने गन्ने की फसल को कोल्हू तथा चीनी मिलों पर डालकर गेहूं की बुआई करने का है। सेवानिवृत्त अपर जिला कृषि अधिकारी रामनिवास सहरावत, प्रगतिशील किसान प्रदीप उर्फ मंगलू बिटावदा, चरण सिंह कुरावा, सुरेंद्र सहरावत, अनिल मुखिया आदि का कहना है कि इस महीने में होने वाली वर्षा किसानों के लिए नुकसानदायक होगी।