चरथावल(मुजफ्फरनगर)। मूसलाधार बारिश कच्चे मकानों पर कहर बनकर बरसी है। बलवाखेड़ी में तीन मकानों की दीवार और छत ध्वस्त हो गई। जबकि कुल्हेड़ी गांव में दो लोगों की दीवारें गिरने से नुकसान हुआ। दूसरी ओर सब्जी के खेतों में बरसात का पानी भरने से भारी नुकसान हुआ है।
दो दिन से हो रही बारिश से बलवाखेड़ी गांव में शनिवार तड़के रणजीत, जिेंद्र और काकू के मकानों की छत और दीवार ढहने से घर जलमग्न हो गए। घरेलू और खाद्य सामग्री खराब हो गया। कुल्हेड़ी गांव में हाफिज खालिक और फत्ता के कच्चेे मकानों की दीवारें बरसात में गिर गई। पीड़ित बारिश से बचने के लिए गारे से मिट्टी लगाकर बचाव करने में जुटे थे। दो दिन से लगातार बारिश के कारण सब्जी उत्पादक मायूस है। चरथावल की मशहूर गोभी की फसल को भारी नुकसान हुआ है। उत्पादकों द्वारा खेतों में महंगे बीज और कीटनाशक प्रयोग करने के बावजूद बेहतर उत्पादन के अरमान बारिश में धुल गए। दीप चंद सैनी, राजकुमार, सुरेश कश्यप समेत दर्जनों सब्जी उत्पादक बारिश के कारण मायूस है।
लाइन में फाल्ट ढूंढने में लगे 36 घंटे
चरथावल(मुजफ्फरनगर)। बारिश में कस्बे एवं देहातों में डेढ़ दिन तक आपूर्ति पूरी तरह ठप रहने के कारण त्राहि त्राहि मच गई। जेनरेटर लगाकर लोगों ने पेयजल समस्या का हल निकाला। जलालाबाद से चरथावल की 21 किमी लंबी लाइन बहुत जर्जर है। जेई ओपी कुशवाहा ने कर्मचारियों को लगाकर लंबी लाइन में फाल्ट तलाशा। करीब 36 घंटों तक आपूर्ति ठप रहने से कस्बे समेत दो दर्जन गांवों के लोग बिलबिला गए, लेकिन अकबरगढ़ और हसनपुर लुहारी के जंगलों में दो खंभों पर सिर्फ दो इंसुलेटर खराब मिले। उन्हें बदलवाने के बाद शनिवार को एक बजे आपूर्ति शुरू हो सकी। बकरीद पर आपूर्ति ठप रहने पर मुस्लिम समाज के लोगों ने नाराजगी जताई।