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पुण्यतिथि पर भागवत कथाओं का शुभारंभ

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पुण्यतिथि पर भागवत कथाओं का शुभारंभ
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मोरना। शुकदेव आश्रम शुक्रताल में तीर्थ जीर्णोद्वारक 129 वर्षीय ब्रह्मलीन शिक्षा ऋषि स्वामी कल्याण देव की 13वीं पुण्य तिथि पर दो भागवत कथाओं का आयोजन किया गया। जिसका शुभारंभ स्वामी ओमानंद जी महाराज ने मंत्रोच्चारण के बीच दीप प्रज्ज्वलित करके किया। कथा के संयोजकों पटका पहना कर सम्मानित किया। मुख्य आयोजन कार्यक्रम 14 जुलाई को होगा।
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शुक्रताल आश्रम के प्रांगण में डोंगरे कथा भवन में स्वामी कल्याण देव महाराज की पुण्य तिथि के उपलक्ष्य में साप्ताहिक भागवत कथा का आयोजन किया गया है। जिसके शुभारंभ पर स्वामी ओमानंद महाराज ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण हमारी भारतीय संस्कृति के सास्वत प्रतीक हैं, इस पृथ्वी पर उनका अवतरण विश्व के सबसे अनोखी घटना है। क्योंकि वह 64 विद्याओं और 16 कलाओं से परिपूर्ण हैं और भागवत उन्हीं का शब्द अवतार है। क्योंकि भगवान पूर्णयता के अवतार हैं। भागवत भारतीय जीवन का हृदय मूल रचा बसा है, जो जीवन मूल्य का बोध कराता है। पापों का नाश होकर मृत्यु का परलोक सुधर जाता है। भागवत सत्संग सर्वोत्तम सबसे फलदायक है। इससे पूर्व में भागवत कथा व्यास अचल कृष्ण शास्त्री महाराज को तिलक कर फल देकर ग्रंथ भेंट किया। कथा के आयोजन में राजस्थान के भिंड से कटारे परिवार व दिल्ली से अभय त्रिपाठी आदि मुख्य भूमिका निभा रहे हैं। वहीं आश्रम स्वामी जी की जयंती को लेकर श्रद्धालुओं को आना प्रारंभ हो गया है। जिनके लिए आश्रम के आचार्य उत्प्रेती, श्याम शास्त्री, आचार्य कृष्ण, हर्षमणि, राजू, राजेंद्र, अनिल आदि व्यवस्था बनाने में लगे हुए हैं।
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