पुरकाजी। ग्राम भूराहेडी निवासी 65 वर्षीय मदनपाल, उसकी पत्नी सविता और पुत्र यशवीर के पुरकाजी स्टेट बैंक में खाते हैं। इनमें से किसी ने 28 फरवरी को 17500 रुपये निकाल लिए थे। इसकी जानकारी चार दिन बाद बैंक में पैसे निकालने आए बुजुर्ग दंपति को लगी। दंपति ने बैंक मैनेजर से पैसों के बारे में जानकारी की। बैंक मैनेजर ने उसे टरकाकर वापस भेज दिया था। पीड़ित दंपति ने कई बार बैंक के चक्कर काटने के बावजूद पैसे का कोई सुराग नहीं लगने पर पुलिस की शरण ली। यहां से भी उसे टरकाकर वापस भेज दिया गया। दंपति तभी से ही लगातार बैंक और थाने के चक्कर काट रहा है, मगर आज तक उसके पैसे का कोई सुराग नहीं लग पाया है। आरोप है कि तीन दिन पूर्व थाने पहुंचे दंपति के साथ इंस्पेक्टर ने बदसलूकी की थी। इस पर दंपति ने थाने पर ही आत्महत्या करने की धमकी दे दी थी, जिससे घबराए इंस्पेक्टर ने उन्हें मदद करने का आश्वासन दिया था। सोमवार को फिर दंपति थाने पहुंचा और इंस्पेक्टर विजय सिंह से मदद की गुहार लगाई, जिस पर उप निरीक्षक ओमकार सिंह ने बैंक मैनेजर से मिलकर दंपति के पैसों का सुराग लगाकर उन्हें पैसा वापस दिलाने को कहा। मगर बैंक मैनेजर ने उनके पैसों को लेकर हैड आफिस में जानकारी देने की बात कहकर कोई भी मदद करने से हाथ खडे़ कर दिए। इसे लेकर दंपति की बैंक मैनेजर से नोकझोंक भी हुई। इस संबंध में बैंक मैनेजर अमित कुमार का कहना है कि इनका पैसा किसने निकाला है, इसकी जानकारी नहीं लग पा रही है। कई बार हैड आफिस को भी जानकारी दी जा चुकी है, मगर वहां से कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला। उनका कहना है कि प्रयास किए जा रह हैं, जल्द ही पैसे का सुराग लगाया जाएगा।