मुजफ्फरनगर। टिंबर मर्चेंट एवं आरा मशीन एसोसिएशन ने फर्नीचर, प्लाइवुड पर 28 प्रतिशत टैक्स लगाए जाने का विरोध किया है। वहीं इंडियन इंडस्ट्रीज एसोसिएशन ने यूपी सरकार द्वार ई-वे बिल लगाए जाने का विरोध किया है।
टिंबर मर्चेंट एवं आरा मशीन एसोसिएशन ने कलक्ट्रेट में प्रदर्शन करते हुए डीएम को पीएम नरेंद्र मोदी के नाम ज्ञापन दिया। कहा कि लकड़ी व्यापार पर 14 प्रतिशत वैट था, जो अब 28 प्रतिशत तक कर दिया गया है। चौखट, खिड़की, दरवाजों आदि को 28 प्रतिशत की श्रेणी में रखा गया है। इसके अलावा यूपी में दो कर ढाई प्रतिशत मंडी शुल्क और पांच प्रतिशत अभिवाहन शुल्क वसूला जा रहा है। प्रतिस्पर्धा में यूपी का व्यापारी अन्य राज्यों से पिछड़ जायेगा। लकड़ी पर जीएसटी की एक समान 12 प्रतिशत लगाई जाए। राजकुमार बख्शी, ओमप्रकाश धीमान, योगेंद्र गुप्ता, राकेश गर्ग, बाबूराम पांचाल, संजय मित्तल, बलदेवराज, दिनेश कुमार, दीपक, तरुण कुमार आदि रहे।
आईआईए ने प्रदेश सरकार द्वारा लगाए गए ई-वे बिल का विरोध किया है। चैप्टर के चेयरमैन कुश पुरी ने कहा कि ई-वे बिल जीएसटी की मूल भावना के विरुद्ध है। यह उद्यमियों और व्यापारियों के हित में नहीं है। आईआईए भवन में हुई बैठक में पुरी ने कहा कि प्रदेश सरकार का कर एक राष्ट्र एक कर एक पोर्टल के नारे के खिलाफ है। बैठक में सुधीरचंद्र, तरुण गुप्ता, मनीष जैन, सुशील अग्रवाल, नवीन जैन, अमित जैन, इफ्तेखार हुसैन, नरेंद्र गोयल, अरविंत मित्तल, पंकज जैन, पंकज मोहन गर्ग, अभिनव अग्रवाल, अजय कपूर आदि रहे।