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वाणिज्यकर अधिकारियों ने सुनी समस्याएं

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मुजफ्फरनगर। जीएसटी के लागू होते ही अधिकारियों के फोन की घंटियां भी खूब बजी। पंजीकरण, माइग्रेशन और नियमों की जानकारी के लिए व्यापारियों ने फोन किए, जिनका अधिकारियों ने समाधान कर जीएसटी को सरल भाषा में समझाया। पहले दिन 40 से अधिक समस्याएं दर्ज की गई।
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विरोध और व्यापारियों की नाराजगी के बीच केंद्र सरकार ने जीएसटी को लागू कर किया है। जीएसटी की दरों से जहां आम जनता को राहत देने की कोशिशें की गई हैं, वहीं अधिक से अधिक व्यापारियों को टैक्स के दायरे में लाने की केंद्र सरकार की मंशा है। इसके लिए जिलेवार वाणिज्य कर विभाग को कमान सौंपी गई है। पहले दिन जीएसटी के कारण कारोबार में आ रही समस्याओं को सुलझाने के लिए व्यापारियों ने वाणिज्य कर विभाग में फोन खड़काए। व्यापारियों ने फोन पर अधिकारियों से जीएसटी के नियम, कौन-कौन से व्यापारी शामिल होंगे, इसके साथ ही माइग्रेशन, पंजीकरण और पासवर्ड की जानकारियां ली। सुबह आठ से रात आठ बजे तक पहले दिन अधिकारियों ने करीब 40 से अधिक व्यापारियों की समस्याएं सुलझाई। वाणिज्य कर अधिकारी अजय कुमार ने बताया कि जीएसटी में पंजीकरण आसान प्रक्रिया है। व्यापारी कोई शंका मन में नहीं रखे, हेल्प डेस्क पर कॉल करके समाधान प्राप्त कर सकते हैं।
यह जरूरी है पंजीकरण के लिए
मुजफ्फरनगर। जीएसटी में पंजीकरण के लिए पैन कार्ड नंबर, मोबाइल नंबर, ई-मेल आईडी, कारोबार की जगह और कारोबार, बैंक एकाउंट और आइएफएससी कोड, किसी साथी पार्टनर, ट्रस्टी सदस्य का पैन कार्ड नंबर आदि अहम कागजात होने के बाद भी पंजीकरण फाइल आगे बढ़ सकेगी। हालांकि यह सभी कार्य जीएसटी पोर्टल पर ऑनलाइन किया जाएगा।
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