जिले की भैसाना और खाईखेड़ी चीनी मिल ही भुगतान में देरी कर रही हैं। बाकी चीनी मिल 14 दिन से पहले भुगतान की प्रक्रिया को अपना रही हैं। जिले की समस्त चीनी मिलों पर कुला 383 करोड़ रुपया बकाया है। इनमें अकेली भैसाना मिल पर 263 करोड़ और खाईखेड़ी पर 38 करोड़ बकाया है।
किसानों का गन्ना भुगतान करने में इस बार जिले की छह चीनी मिल 14 दिन के नियम का पालन कर रही हैं। सहकारी चीनी मिल मोरना, मंसूरपुर, खतौली, तितावी, टिकौला ने 14 दिन से पहले ही भुगतान कर दिया है। जिले की चीनी मिलों में अब तक 18 अरब 71 करोड़ 39 लाख के गन्ने की पेराई हुई है।
चीनी मिलें 14 अरब 87 करोड़ 96 लाख का भुगतान कर चुकी हैं। चीनी मिलों पर कुल 383 करोड़ बकाया हैं, इसमें 14 दिन पहले तक का 259 करोड़ बकाया हैं। भैसाना चीनी मिल पर कुल 263 करोड़ का बकाया चल रहा है। 14 दिन पहले तक का उस पर 233 करोड़ बकाया है।
इसी तरह खाईखेड़ी चीनी मिल पर कुल 38 करोड़ 41 लाख बकाया है। 14 दिन पहले तक का इस पर 25 करोड़ 41 लाख बाकी है। इनके अलावा रोहाना चीनी मिल ही ऐसी है जिस पर 14 दिन से पहले का केवल 47 लाख बकाया है। बाकी चीनी मिलों ने 14 दिन से पहले का भुगतान नियमित जारी कर रखा है।
भैसाना चीनी मिल पर किसानों का आंदोलन भी लगातार जारी है। जिला प्रशासन ने मिल मालिकों पर मुकदमा भी दर्ज किया है, लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हो पा रही है। सभी चीनी मिलें मुनाफे में चल रही हैं, इसके बावजूद बजाज कंपनी की इस शुगर मिल ने भुगतान समय पर नहीं किया है। थानाभवन क्षेत्र से विधायक सुरेश राणा के गन्ना मंत्री बनने से किसानों को उम्मीद बंधी है, अब देखना यह है कि मंत्री किसानों की उम्मीदों पर कितना खरा उतरते हैं।