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गन्ना सर्वेक्षण में गड़बड़ी पर लगेगी गैंगस्टर

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गन्ना सर्वेक्षण में गड़बड़ी करने वालों पर लगेगा गैंगस्टर
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मुजफ्फरनगर। जिलाधिकारी ने चेतावनी दी है कि सर्वे में गन्ना माफिया के सहयोगी बनने वाले अफसर और कर्मचारी गैंगस्टर में जेल जाएंगे। सर्वे में गड़बड़ी पर सीधे कार्रवाई होगी। एसडी डिग्री कॉलेज के सभागार में संयुक्त गन्ना सर्वेक्षण प्रशिक्षण कार्यक्रम में उपस्थित अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ डीएम अजय शंकर पांडेय ने विचार विमर्श किया। डीएम ने कहा कि ऐसा कार्य न करें जिससे किसानों के हितों का नुकसान हो और उन्हें परेशानी हो। अगर सर्वेक्षण में कोई लापरवाही हुई, जिससे किसानों को परेशानी का सामना करना पड़ा तो संबंधित अधिकारी-कर्मचारी कार्रवाई के लिए तैयार रहे। गड़बड़ी पाए जाने पर गिरोहबंद अधिनियम के तहत कार्यवाही होगी। गन्ना पर्ची को माफिया मुक्त करने की शुरूआत आने वाले सत्र से होगी। सत्र को पूर्णतया गन्ना माफिया मुक्त कराया जाएगा। गन्ना आपूर्ति को पर्ची निगमन व्यवस्था उनके निशाने पर है। सर्वेक्षण के समय गन्ना पर्यवेक्षक को घोषणा पत्र के साथ खतौनी की नकल भी किसानों को उपलब्ध करानी होगी। किसान सर्वेक्षण के समय अपने-अपने खेत पर उपस्थित रहें, ताकि सही सर्वेक्षण किया जा सके। राजस्व विभाग की टीम अलग से सर्वेक्षण करेगी, जिसमें कितनी गन्ने की बुआई हुई है, कितना रकबा आदि चेकलिस्ट पर अपनी रिपोर्ट देगी। अगर गन्ना विभाग की रिपोर्ट और राजस्व विभाग द्वारा कराए गए सर्वेक्षण में अंतर मिला तो टीम गठित कर जांच कराई जाएगी। जांच में दोषी पाए जाने पर संबंधितों के विरुद्ध गिरोहबंद अधिनियम की धाराओं मे गैंगस्टर तक की कार्यवाही होगी। गन्ना सर्वेक्षण कार्य व्यक्तिगत रूप से नहीं होता, इसमें जो भी अधिकारी, कर्मचारी, पर्यवेक्षण अधिकारी सम्मिलित पाए जाएंगे उन पर गैंगस्टर की कार्यवाही होगी। सर्वेक्षण का कार्य पूर्ण निष्पक्षता, ईमानदारी व बिना किसी दबाव के करें। उन्होने उपस्थित अधिकारियों कर्मचारियों से कहा कि अगर कोई दबाव बनाता है या गलत कार्य करने के लिए कहता है तो तत्काल सूचित करे उसका निराकरण कराया जाएगा। गन्ना सर्वेक्षण शुद्ध होने का परिणाम यह होगा कि कोई भी गन्ना माफिया जोत से अधिक गन्ना पर्ची जारी कराके मुनाफा नहीं कमा सकेगा और असल काश्तकार के हक पर चोट नहीं कर पाएगा। इस सत्यापन में भूमिहीन, मृतक एवं डबल सदस्यों की प्रविष्टि का डाटा पूर्ण रूप से समाप्त हो जाएगा। बैठक में चीनी मिलों के प्रबंधक, गन्ना शोध केंद्र के निदेशक डॉ विरेश कुमार, जिला गन्नाधिकारी आरडी द्विवेदी, गन्ना पर्यवेक्षक, ज्येष्ठ गन्ना विकास निरीक्षक आदि उपस्थित रहे।
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