बैनामे में 20 हजार से ज्यादा कैश मान्य नहीं
मुजफ्फरनगर। भूमि की खरीद फरोख्त में 20 हजार रुपये से ज्यादा नकद का लेनदेन नहीं होगा। क्रेता को बैनामे की रकम चेक या आरटीजीएस से विक्रेता को देनी होगा। रजिस्ट्री के समय ही उसे चेक या आरटीजीएस नंबर दर्शाना होगा। रियल एस्टेट कारोबार में काले धन की रोकथाम के लिए इस व्यवस्था को सख्ती से लागू कर दिया गया है।
रियल एस्टेट कारोबार नोटबंदी के बाद मंदा हो गया था। लंबे समय तक जिले में बहुत कम बैनामे हुए। इसमें धीरे-धीरे थोड़ा सुधार आ रहा था, तो अब बैनामे के दौरान नकद लेनदेन पर पाबंदी लगा दी गई। जमीन एवं भवनों आदि की खरीद फरोख्त में अब क्रेता और विक्रेता के बीच कैश में लेनदेन नहीं होगा। केवल 20 हजार रुपये ही कैश दिए जा सकते हैं। रजिस्ट्री के समय लेनदेन का पूरा ब्योरा देना होगा। विक्रेता को दी गई धनराशि आरटीजीएस से दी गई है या फिर चेक से, इसका पूरा ब्योरा दिखाना होगा। चेक नंबर या आरटीजीएस नंबर देना होगा। सभी सब रजिस्ट्रार को इस संबंध में निर्देश जारी कर दिए गए हैं। यदि कोई व्यक्ति यह ब्यौरा नहीं दर्शाता है तो रजिस्ट्री नहीं होगी।
रजिस्ट्री का ब्योरा ऑनलाइन देख सकेगा विभाग
पांच लाख से ज्यादा के बैनामे की सूची आयकर विभाग को जाती है। आयकर विभाग लेनदेन का मिलान करता है। विभाग नोटिस जारी कर किए गए भुगतान के संबंध में भी जानकारी कर सकता है। एआईजी स्टांप पुनीत कुमार ने बताया कि शीघ्र ही नई व्यवस्था लागू होने जा रही है। आयकर विभाग होने वाले बैनामों का ब्यौरा ऑनलाइन देख सकेगा। इस व्यवस्था के लागू हो जाने के बाद आयकर विभाग को बैनामे की प्रति भेजने की आवश्यकता ही नहीं होगा।