गुरुकुल आर्ष कन्या विद्यापीठ नजीबाबाद की कुलपति डॉ प्रियम्वदा वेद भारती का आर्य समाज के विद्वानों, पदाधिकारियों और अभिभावकों ने अभिनंदन किया। वेद भारती ने कहा कि भारत की संस्कृति और सभ्यता को ज्योतिर्मय रखने के लिए बेटियों को सुशिक्षित और संस्कारित बनाना चाहिए।
आचार्य गुरु दत्त आर्य ने वेद भारती और पंडित गोविंद राम ध्यानी को शॉल और सम्मानित धनराशि भेंटकर उनका अभिनंदन किया। आर्य ने कहा कि गुरुकुल भारत की संस्कृति के प्राचीन पोषक है। गुरुकुलों में मानव निर्माण की संस्कृति, सभ्यता, धर्म, सदाचार, लोक-परलोक, जड़-चेतन एवं संपूर्ण ज्ञान-विज्ञान की शिक्षा प्राप्त होती रही है। वेद ईश्वर की वाणी है तथा संस्कृत समस्त भाषाओं की जननी है। संस्कृत से संस्कार बनते है और संस्कार से संस्कृति बनती है। प्रशस्यमित्र शास्त्री, दीपचंद आर्य, गुरुकुल कांगड़ी विवि के डॉ ब्रह्म देव विद्यालंकार, डॉ विजय लक्ष्मी, कल्पना शास्त्री, अर्चना शास्त्री, सुलभा शास्त्री, श्रद्धा शास्त्री आदि ने भी विचार व्यक्त किए। प्रतिनिधिमंडल में आरपी शर्मा, योगेश्वर दयाल आर्य, आनंद पाल सिंह आर्य, मंगत सिंह आर्य, विमल कुमार आदि शामिल रहे।