वेद से मानव का कल्याण संभव : सत्यवेश
खतौली। स्वामी सत्यवेश महाराज ने कहा कि वेद में संपूर्ण मानव सृष्टि को एकसूत्र में बांधने की शक्ति है। वेद ज्ञान ही वैज्ञानिक कसौटी पर खरा उतरता है। इसी से मानव का कल्याण संभव है।
शनिवार को आर्य समाज शिवपुरी में आयोजित वेद प्रचार समारोह में स्वामी जी ने कहा कि मानव जाति के उपकार के लिए वेद की शरण में आना ही होगा। क्रांतिकारी विचारक कंवरपाल शास्त्री ने कहा कि आर्य समाज परमात्मा के बाद राष्ट्रहित, राष्ट्र भक्ति को महत्व देता है। ईश्वर को स्मरण करते हुए सद्कर्म करें। उन्होंने चाणक्य जैसे महान शिक्षक को राष्ट्र को दिशा देने वाला बताया। आर्य भजनोपदेशक महाशय घनश्याम प्रेमी द्वारा गीतों के माध्यम से जीवन को जीने की कला को समझाया। सुकीर्ति आर्य ने कहा कि यदि महर्षि दयानंद सरस्वती की विचारधारा को मान लें, तो राष्ट्र पुन: विश्व गुरु बन गया होता। महाशय हरीशचंद्र सुभाष आदि ने विचार रखे। दयालपुर कॉलोनी में भगवान सिंह के आवास पर यज्ञ का आयोजन किया गया। समारोह में भगवान सिंह सपत्नी यज्ञमान रहे और पंडित रामदेव शास्त्री यज्ञ के ब्रह्मा रहे। कार्यक्रम में पवन कौशिक, अजेय, गुप्ता, मास्टर जगदीश सिंह, रण सिंह आर्य, राजपाल आर्य का सहयोग रहा। इस अवसर पर सुनील आर्य, मोहनलाल गोयल, मास्टर ऋषिपाल आर्य, चरण सिंह आर्य, रामशरण आर्य, ब्रजगोपाल आर्य, अरुण कुमार, निधि, कमलेश आर्य आदि उपस्थित रहे। अध्यक्षता मास्टर जयपाल सिंह और संचालन सत्येंद्र आर्य ने किया।