खतौली में बारिश के दौरान जीटी रोड के पास बंद पड़े एक पेट्रोल पंप पर लगे कांवड़ सेवा शिविर पर अचानक शेड गिरने से अफरातफरी मच गई। शेड के नीचे 24 से अधिक कांवड़िये और कई लोग दब गए। कांवड़िय़ों की चीखपुकार सुनकर आसपास के लोग और पुलिस मौके पर पहुंच गई।
पुलिस ने आसपास के लोगों की मदद से मलबे में दबे कांवड़ियों को बाहर निकाला। छह कांवड़िय़ों को गंभीर हालत में जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। एसडीएम और सीओ ने आनन-फानन में क्रेन मंगवाकर मलबे के नीचे अन्य कांवड़ियों की तलाश कराई।
मोहल्ला नेहरू नगर और जमुना विहार के लोग आपस में मिलकर हर वर्ष जीटी रोड पर पिकेट इंटर कॉलेज के सामने बंद पड़े सरदार पीतम सिंह के पेट्रोल पंप पर परशुराम महादेव के नाम से कांवड़ सेवा शिविर लगाते हैं। इस वर्ष भी इन लोगों ने इसी बंद पड़े पेट्रोल पंप में शिविर लगाया। बुधवार रात शिविर में करीब 30-40 कांवड़िये आराम कर रहे थे। इनमें से कुछ कांवड़िये सो भी गए थे। रात में तेज बारिश होने लगी लगी।
तड़के करीब 3.30 बजे ेबारिश में ही अचानक पेट्रोल पंप की शेड भरभरा कर टेंट को तोड़ती हुई कांवड़िय़ों के ऊपर गिर गई. जिसके नीचे 24 से अधिक कांवड़िये दब गए। कांवड़ियों की चीखपुकार मच गई। सूचना मिलने पर मौके पर पहुंची पुलिस ने आसपास के लोगों की मदद से मलबे के नीचे दबे कांवड़िय़ों को बमुश्किल बाहर निकाला। पुलिस ने एंबुलेंस मंगवाकर घायल कांवड़िय़ों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया, जहां पर चिकित्सकों ने गंभीर रूप से घायल छह कांवड़िय़ों को जिला अस्पताल के लिए रेफर कर दिया।
सूचना मिलने पर एसडीएम कन्हई सिंह, सीओ डॉ राजीव कुमार सिंह और इंस्पेक्टर पीपी सिंह भी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। अधिकारियों को आशंका हुई कि मलबे में और कांवड़िये दबे हो सकते हैं, इसलिए क्रेन मंगवाई गई। बारिश में क्रेन से मलबा उठवाकर कांवड़ियों को तलाश किया गया। उस वक्त मलबे के नीचे कोई कांवड़िया दबा नहीं मिला। इससे अधिकारियों ने राहत की सांस ली। घायलों में दो लोग कांवड़ सेवा शिविर के लोग भी शामिल हैं। हादसे की सूचना मिलने पर एसपी सिटी ओमबीर सिंह भी मौके पर पहुंचे और हादसे की जानकारी ली।
हादस में कौन-कौन हुए घायल
गाजियाबाद के गांव डीलना भोजपुर निवासी सोनू पुत्र मेघराज, कन्नू पुत्र गजराज व अजबे पुत्र मलखान, सरधना के लालपुरा निवासी राकेश पुत्र बुद्ध प्रकाश, गाजियाबाद के बिरला निवासी जोगिंद्र पुत्र श्रीपाल, मेरठ के इसापुरम निवासी सनी पुत्र मुकेश, मेरठ जेल चुंगी के नितिन आर्य पुत्र मुकेश, रतनपुरी के सतेंद्र पुत्र सूरजमल, मेरठ कंकरखेड़ा के साधुनगर के सागर पुत्र अशोक व सुमित पाल पुत्र जितेंद्र, मोदीनगर के कृष्णापुरी के मनीराम पुत्र रामचरण तथा कांवड़ सेवा शिविर के सेवादार खतौली के मोहल्ला नेहरू नगर निवासी पिंटू पुत्र महेश पाल व मोहल्ला जमुना बिहार निवासी सभासद व भाकियू नगराध्यक्ष मनोज सहरावत के अलावा कई कांवडिय़ों को हल्की चोटें आईं।
बिजली कड़कते ही कैनओपी गिरने लगी
प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि बुधवार रात करीब एक बजे हवा के साथ तेज बारिश शुरू हो गई थी। बारिश शुरू होते ही पैदल चल रहे कांवड़ियों को जिस शिविर में जगह मिली, वहीं घुस गए। कांवड़ सेवा शिविर में पेट्रोल पंप की बनी कैनओपी में भी करीब 30-40 कांवड़िये आराम कर रहे थे। इनमें से कुछ कांवड़िय़ों को नींद भी आ गई थी। तड़के करीब 3.30 बजेतेज आवाज के साथ बिजली कडक़ी। बिजली कड़क़ने के बाद से अचानक कैनओपी धीरे-धीरे भरभरा कर टेंट को साथ लेकर नीचे गिरने लगी। कैनओपी को गिरते देख कुछ कांवड़िये भाग निकले थे।
भोले की कृपा से टला हादसा
पेट्रोल पंप पर बनी लोहे की कैनओपी जिस तरीके से अचानक भरभरा कर गिरी। उससे सभी लोग अंदाजा लगा रहे थे कि इसके नीचे दबे कांवड़िय़ों की जान नहीं बची होगी। इस कांवड़ सेवा शिविर में लगे सेवादारों द्वारा की गई कांवड़िय़ों की सच्चे मन से सेवा और भोलेनाथ की कृपा से ही बड़ा हादसा टलना मान रहे हैं।
नायब तहसीलदार ने की जांच पड़ताल
तहसील से नायब तहसीलदार जमन सिंह टीम के साथ बृहस्पतिवार को मौके पर पहुंचे। नायब तहसीलदार ने घटनास्थल का मौका मुआयना किया और कांवड़ सेवा शिविर के आयोजकों से रात की घटना की जानकारी ली। नायब तहसीलदार ने बताया कि इसकी रिपोर्ट तैयार कर अधिकारियों को भेजी जाएगी।