अमर उजाला ब्यूरो
मुजफ्फरनगर। गोकशी के विरोध में सहारनपुर स्टेट हाईवे जाम करने के मामले में साक्ष्यों के अभाव में 20 साल बाद भाजपा और हिंदू संगठनों के 26 आरोपियों को दोषमुक्त कर दिया गया। विशेष एमपी/एमएलए कोर्ट संख्या-1 के पीठासीन अधिकारी देवेंद्र फौजदार ने फैसला सुनाया।
मुकदमे की सुनवाई के दौरान अदालत ने दोनों पक्षों के तर्कों को सुना। बचाव पक्ष के अधिवक्ता कदम सिंह ने बताया कि साक्ष्यों के अभाव में पूर्व भाजपा जिलाध्यक्ष देवव्रत त्यागी, सचिन सिंघल, श्रीमोहन तायल, ओंकार सिंह, ललित मोहन, अशोक कुमार, विनोद, विपिन उर्फ रिपिन, रामानुज दुबे, शिव कुमार शर्मा, जिला पंचायत सदस्य प्रवीण कुमार, रामपाल टेलर, पवन, मोनू, विकास, बिन्दर, शिव कुमार, सतीश चंद, कपिल देव पुत्र ओमपाल, त्रिवेंद्र, सुरेंद्र कुमार, रविन्द्र, अजय वर्मा चरथावल, सतेंद्र, धीरज और राजवीर को दोषमुक्त कर दिया।
क्या था मामला : 23 जुलाई वर्ष 2005 को चरथावल थाना क्षेत्र में 15 मृत बैलों के अवशेष कसियारा के जंगल में डाल दिए गए थे। इस घटना पर नाराज भाजपा, कृष्ण सेना, आरएसएस, शिवसेना, विहिप और बजरंग दल के कार्यकर्ताओ ने आरोपियों का पता लगाने के लिए हंगामा किया। उन्होंने घटना का खुलासा नहीं होने के विरोध में दो दिन बाद 25 जुलाई को सहारनपुर हाईवे पर मालीरा बस स्टैंड के पास जाम लगा दिया था। कोतवाली के उपनिरीक्षक मनबीर सिंह ने सड़क अवरुद्ध करने, लाठी डंडे दिखाकर लोगों में भय उत्पन करने और सरकारी कार्य ठप करने की धमकी के आरोप में 46 लोगों के खिलाफ मुकदमा पंजीकृत कराया था।
पिछले साल दोषमुक्त हो गए थे कपिल देव अग्रवाल : तत्कालीन विशेष न्यायालय एमपी एमएलए कोर्ट मयंक जायसवाल ने 24 मई 2024 को 12 आरोपी सुरेंद्र सिंह, पवन, इंद्रपाल, रविन्द्र, मुनिया उर्फ विजयपाल, कृष्णपाल, दिनेश, सुरेंद्र, शत्रुघ्न, रणवीर, पप्पू उर्फ सतीश, देशबंधु को बरी किया था। आरोपी बनाए गए प्रदेश के कौशल विकास राज्य मंत्री कपिल देव अग्रवाल पिछले साल दोषमुक्त हो चुके हैं।
एक आरोपी मोनू उर्फ मनोज पुत्र कुशलपाल के नाम की एंट्री केस में डबल दर्ज हो गई थी।
छह आरोपियों की हो चुकी मौत : न्यायालय ने परीक्षण के दौरान नामजद आरोपी श्रवण शर्मा, अशोक गर्ग उर्फ आशीष गर्ग, विनोद, अतरू, प्रभाकर और सतेंद्र उर्फ बिट्टा की मौत हो गई थी।