जिले के 241 उपस्वास्थ्य केंद्रों का कायाकल्प होगा
मुजफ्फरनगर। कोरोना की तीसरी लहर से बचाव के लिए स्वास्थ्य विभाग स्वास्थ्य केंद्रों को संसाधन युक्त करने में लगा है। इसके लिए उपस्वास्थ्य केंद्रों पर भी दवाई आदि उपलब्ध कराई जाएगी। फिलहाल उपस्वास्थ्य केंद्रों का कायाकल्प कराना है, जिसकी जिम्मेदारी जिला पंचायत राज अधिकारी ने ग्राम पंचायतों को सौंपी है।
जनपद में नौ ब्लॉकों समेत शहरी क्षेत्र में 43 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र है। इसके अलावा शहर और 498 ग्रामों पंचायतों में 268 उप स्वास्थ्य केंद्र भी है, जहां पर एएनएम एवं अन्य स्वास्थ्य कर्मी नियुक्त हैं। इन उप स्वास्थ्य केंद्रों पर बच्चों और गर्भवती महिलाओं का नियमित टीकाकरण होता है। साथ ही महिलाओं को आयरन, कैल्शियम की दवाई भी दी जाती है। बुखार आदि की दवाई भी उपलब्ध है। साथ ही हीमोग्लोबिन, ब्लड प्रेशर आदि की जांच भी होती है। कोरोना की तीसरी लहर को देखते हुए जहां सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों को ऑक्सीजन युक्त आधुनिक बनाया जा रहा है। वहीं, उपस्वास्थ्य केंद्रों पर भी संसाधन उपलब्ध कराए जा रहे है। उपस्वास्थ्य का भी सुंदरीकरण किया जा रहा है। इसकी जिम्मेदारी ग्राम पंचायतों को सौंपी गई है। डीपीआरओ अनिल कुमार सिंह ने बताया कि जनपद में 241 ग्रामों में उप स्वास्थ्य केंद्रों का कायाकल्प कराया जा रहा है। ग्राम पंचायत की ओर से भवन की हर प्रकार की मरम्मत, रंगाई पुताई, रैंप बनाने आदि कार्य कराए जा रहे हैं। सीएमओ डॉ. एमएस फौजदार ने बताया कि 268 में से 241 उपसेवा केंद्रों का कायाकल्य ग्राम पंचायतें कर रही है। स्वास्थ्य केंद्रों पर संसाधन और दवाई आदि स्वास्थ्य विभाग उपलब्ध कराएगा। प्रयास है कि तीसरी लहर से पहले ग्राम स्तर पर भी पर्याप्त चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध होनी चाहिए।