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जमकर बरसे बदरा, आकाश में छाया रहा अंधेरा 18-28-59

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झमाझम बारिश से जनजीवन ठहरा
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मुजफ्फरनगर। आकाश में सुबह से ही घने काले बादल छाए रहे। दिन भर रुक-रुक कर बारिश होती रही। बारिश के कारण आम जनजीवन भी प्रभावित रहा। दोपहर में बारिश के बाद जगह-जगह पानी भर गया, लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। बाजारों, रोडवेज बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन पर पर अधिक भीड़ दिखाई नहीं दी।
रविवार को सुबह से ही आसमान में काली घटा छाई रही। शहर में दस बजे के लगभग बारिश प्रारंभ हुई और दो घंटे लगातार बारिश होने के बाद दिन भर रुक-रुक बारिश होती रही। मौसम विभाग के अनुसार जिले में 37.8 मिली मीटर वर्षा रिकार्ड की गई। तेज बारिश के बाद बाजारों और कालोनियों की मुख्य सड़कों पर पानी भर गया। तीन दिन से लगातार बारिश होने से शहर के निचले इलाकों में रहने वाले लोगों के सामने पानी की निकासी का संकट खड़ा हो गया। साकेत कालोनी में सड़कों पर कीचड़ की समस्या बनी हुई है। बारिश के बाद यहां पानी की निकासी नहीं होने से लोगों के घरों में पानी भर गया। सरवट में हालात इससे भी खराब दिखाई दिए। बसंत विहार, उत्तर सिविल लाइन की हालत भी लगातार बारिश से खराब है। इन कालोनियों में पानी निकासी का संकट बरकरार है। इसी के साथ खालापार, किदवईनगर, लद्दावाला, रामपुरी, मिमलाना रोड, जनकपुरी आदि में पानी निकासी को लेकर लोग परेशान दिखाई दिए। आम आदमी को इससे परेशानियों का सामना करना पड़ा। बारिश से जनजीवन पूरी तरह प्रभावित रहा। बाजारों में जहां चहल-पहल कम दिखाई दी, वहीं बारिश के दौरान रोडवेज और रेलवे स्टेशन पर भी यात्रियों की संख्या कम रही। बारिश में लोगों के अपने जरूरी काम भी प्रभावित हुए।
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कच्ची छत वालों के सामने परेशानी
मुजफ्फरनगर। तीन दिन से लगातार बारिश होने से गरीब परिवारों के सामने परेशानी खड़ी हो गई है। जिन लोगों के मकान कच्चे हैं या ज्यादा पुराने हैं, उनके सामने संकट सी स्थिति है। मकान टपकने और गिरने का खतरा बना है। शाहबुदीनपुरी रोड, किदवईनगर और शहर के बाहरी क्षेत्रों में बने कच्चे मकानों के सामने अधिक समस्या है।
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संधावली, बझेड़ी अंडरपास में पानी भरा
मुजफ्फरनगर। बारिश से शहर में एंट्री के दो रेलवे अंडरपास पूरी तरह बंद हो गए हैं। प्रशासन द्वारा पानी की निकासी की व्यवस्था नहीं किए जाने से इनमें आवागमन भी बंद है। लोगों को एकत्र पानी के बीच से ही निकलकर आना पड़ता है। रास्ता बंद होने के कारण बच्चे स्कूल तक नहीं जा पा रहे हैं। ग्रामीणों को शहर आने के लिए लंबे रास्ते से होकर आना पड़ रहा है।
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