विकास प्राधिकरण में जूनियर इंजीनियरों की शिकायतें आने के बाद एमडीए वीसी ने नई व्यवस्था लागू कर दी है। अब किसी भी क्षेत्र में कोई जेई तीन माह से ज्यादा नहीं रहेगा। उसका कार्य क्षेत्र लगातार बदलता रहेगा। इससे अवैध निर्माणों पर रोक लगेगी।
एमडीए में एक ही क्षेत्र में लंबे समय से जमे जेई पर एमडीए वीसी ने शिकंजा कस दिया है। लगातार शिकायतें आ रही थी कि शहर में निर्माण तो बढ़े हैं, लेकिन एमडीए की आय नहीं बढ़ रही है। ऐसे भी कुछ मामले सामने आए जिनमें जेई ने सीधे निर्माण कार्य करा दिए। सरकार को कोई राजस्व ही प्राप्त नहीं हुआ। शिकायतों के बाद व्यवस्था सुधारने के लिए एमडीए वीसी ने नई व्यवस्था लागू की है। इस व्यवस्था के अंतर्गत अब प्रत्येक जेई को तीन माह में अपना क्षेत्र छोड़ना होगा। इस तरह से चार्ट तैयार किया है कि जूनियर इंजीनियरों का कार्यक्षेत्र हर तीन माह बाद बदलता रहेगा। इससे सभी जेई लगातार गतिशील रहेंगे। लंबे समय तक एक जगह रहने से जो परिस्थितियां बन जाती थीं, वह नहीं बन पाएगी। इस संबंध में एमडीए वीसी ने बताया कि सिस्टम को सुचारु बनाए रखने और प्राधिकरण का राजस्व बढ़ाने के लिए यह कदम उठाया गया है।