मुसलमानों ने भी मांगा आरक्षण
मुजफ्फरनगर। ऑल इंडिया मुताहिदा महाज ने सामान्य वर्ग को दिए जा रहे दस प्रतिशत आरक्षण में से पांच प्रतिशत तथा दस प्रतिशत अलग से मुस्लिम समाज को देने की मांग की। प्रधानमंत्री को ज्ञापन भेजकर कहा कि मुस्लिम सामाजिक, आर्थिक और शैक्षिक तौर पर पिछड़ा हुआ है।
बृहस्पतिवार को डीएम को ज्ञापन देकर उन्होंने कहा कि मुसलमानों ने अन्य समुदायों के साथ मिलकर देश की आबादी के लिए कुर्बानियां दीं, लेकिन दिन प्रतिदिन उनके हालात बदतर होते गए। सच्चर कमेटी, रंगनाथ मिश्रा व गोपाल सिंह आयोग की रिपोर्ट से स्पष्ट है कि मुसलमानों की आर्थिक, सामाजिक और शैक्षिक स्थिति अनुसूचित जाति से भी बदतर है। इसके बाद उन्हें आरक्षण नहीं दिया गया। ज्ञापन में कहा गया है कि सामान्य वर्ग को दिए जा रहे आरक्षण में से पांच प्रतिशत मुस्लिमों को दिया जाए। इसके अलावा दस प्रतिशत आरक्षण अलग से मिले। उन्होंने एससी-एसटी और ओबीसी को आरक्षण का कोटा भी आबादी के अनुपात में बढ़ाने की मांग की है। ज्ञापन देने वालों में राष्ट्रीय अध्यक्ष शाहनवाज आफताब, महबूब आलम एडवोकेट, फैजयाब खां, हाजी मुनव्वर एडवोकेट, मुजफ्फर अहमद, सैयद अली मेहंदी, हसीन पुंडीर, आरिफ राणा, मोहम्मद जहीर, आनंद प्रकाश, रविंद्र, दानिश शेरखान आदि शामिल रहे।