खौफ के बीच ट्रेन और बसों में यात्रियों ने सफर की
खतौली। एससी-एसटी एक्ट में संशोधन के विरोध में सोमवार को भारत बंद को लेकर दलितों के विरोध प्रदर्शन को लेकर हिंसा के बाद मंगलवार को हालात सामान्य रहे। सुबह से सभी ट्रेन और रोडवेज बसों का संचालन यथावत प्रारंभ हो गया था। हालांकि आशंकाओं के बीच घिरे मुसाफिरों ने यात्रा की। सभी परिस्थितियों से निपटने को रेलवे स्टेशन पर आरपीएफ बल तैनात रहा। नगर के मुख्यमार्गों और बाजारों में पुलिस गश्त करती रही।
दलित संगठनों की ओर से सोमवार को भारत बंद और विरोध प्रदर्शन को लेकर प्रशासन ने इसको गंभीरता से नहीं लिया। इसी कारण दलितों का विरोध प्रदर्शन हिंसा में बदल गया था। हिंसा में दलित युवक अमरेश की मौत के बाद हालात बेकाबू हो गए थे। रेल मंत्रालय ने सोमवार की सुबह अपनी संपत्ति को बचाने के लिए एक दर्जन से अधिक एक्सप्रेस, पैसेंजर व मालगाड़ी ट्रेनों का संचालन रद्द कर दिया था। रोडवेज डिपो ने सभी बसों का संचालन बंद रहा। सोमवार की शाम तक दलितों द्वारा विरोध प्रदर्शन की आशंका को लेकर रेलवे स्टेशन पर आरपीएफ बल और रोडवेज बसों पर पुलिस की चौकसी रही। मंगलवार को सभी ट्रेनों का समयानुसार रेलवे पटरी पर दौड़ने लगी थी और रोडवेज बसों का संचालन भी प्रारंभ हो गया था। अलबत्ता सहमे हुए यात्रियों ने ट्रेनों व बसों में सफर किया। बाजारों में हालात सामान्य रहा। तहसील में भी वादकारी पहुंचे। गन्ना समिति में किसानों की अपनी पर्चियों के बारे में जानकारी लेने को भीड़भाड़ रही। इसके बावजूद पुलिस गश्त जारी रहा।