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आयकर छापे, सवालों के घेरे में अफसर

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प्रतिष्ठानों पर छापों से व्यापारियों में पनपा गुस्सा
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मुजफ्फरनगर।
आयकर विभाग के छापामार की कार्रवाई सवालों के घेरे में आ गई है। छापों का परिणाम क्या रहा यह किसी को मालूम नहीं है। अब तक विभाग शहर में दस प्रतिष्ठानों और उद्योगों पर छापामारी कर चुका है। इन छापों में विभाग को क्या मिला और कौन दोषी है, इस पर अफसर पूरी तरह चुप्पी साधे हैं। उधर, व्यापारिक संगठनों और उद्यमियों में आयकर विभाग की कार्रवाई को लेकर गुस्सा पनप रहा है।
देश के पीएम नरेंद्र मोदी और वित्त मंत्री आयकर विभाग की कार्यप्रणाली को पारदर्शी बनाने की कोशिश कर रहे हैं, वहीं विभाग के अधिकारी सरकार की मंशा पर खरे नहीं उतर रहे हैं। व्यापारियों और उद्यमियों में सरकार के प्रति विश्वास बनने के बजाए संशय की स्थिति पैदा हो रही है। आयकर विभाग अब से पहले जो भी छापेमारी करता था, दूसरे ही दिन उसकी कार्रवाई सार्वजनिक करता था। इससे व्यापारियों और समाज में आयकर विभाग की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े नहीं होते थे। हाल ही में नई आयकर आयुक्त प्रीता हरित ने कार्यभार संभाला है। प्रीता हरित के सामने दो बार छापे की कार्रवाई हुई है। एक सप्ताह पूर्व ईवान हॉस्पिटल, चक्रधर केमिकल्स, सिल्वर टोन, टिकौला चीनी मिल सहित सात स्थानों पर छापेमारी की गई थी। आयकर अधिकारी आर्केंद्र के नेतृत्व में पूरी कार्रवाई अंजाम दी गई। छापे की टीम में शामिल सभी अधिकारियों ने अपनी रिपोर्ट भी आयकर आयुक्त को दे दी। इसके बाद भी पूरे मामले में आयकर आयुक्त ने कोई जानकारी मीडिया और व्यापारियों को नहीं दी है। इससे विभाग की कार्रवाई पर सवाल उठ रहे हैं। शहर के व्यापारियों और आम जनता में छापों को लेकर अलग-अलग तरह की चर्चाएं हैं। अभी विभाग ने एक सप्ताह पूर्व लगे छापों की कार्रवाई के बारे में कोई जानकारी नहीं दी थी, सोमवार को शहर की दो और फर्मों पर छापेमारी कर दी। इन फर्मों पर हुई कार्रवाई की भी कोई जानकारी विभाग ने सार्वजनिक नहीं की है। छापों के संबंध में आयकर आयुक्त प्रीता हरित से बात करने का प्रयास किया गया तो उन्होंने कोई भी जानकारी देने से इंकार कर दिया।
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कार्रवाई उत्पीड़न की
पराकाष्ठा: पंकज
(फोटो----)
बिना बात के व्यापारी और उद्यमियों को परेशान किया जा रहा है। छोटे-छोटे कारोबारियों और डॉक्टरों के क्लीनिकों पर छापे मारे जा रहे हैं। जीएसटी के कारण व्यापार पहले ही टूट चुका है, इन छापों से व्यापारियों में दहशत पैदा करने की कोशिश की जा रही है। आयकर की कार्रवाई उत्पीड़न की पराकाष्ठा है। विभाग ने अगर टैक्स चोरी पकड़ी है तो उसका खुलासा क्यों नहीं किया जा रहा है।
-पंकज अग्रवाल, चेयरमैन, पेपर मिल एसोसिएशन, नॉर्दन इंडिया।
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