छापे के दौरान पत्रावलियों की जांच करते एसीएमओ और डिप्टी सीएमओ।
- फोटो : amar ujala
मुजफ्फरनगर। चरथावल क्षेत्र में दो युवकों की मौत के बाद जागे स्वास्थ्य महकमे ने छापामारी अभियान चलाया। आधा दर्जन वरिष्ठ चिकित्सकों के नेतृत्व में चरथावल, शाहपुर समेत शहर में झोलाछापों के खिलाफ कार्रवाई की गई। क्लीनिकों पर छापे मारकर दवाइयां के साथ अन्य दस्तावेजों की जांच-पड़ताल की गई। टीम ने करीब 20 चिकित्सकों को नोटिस थमाकर सात दिन में प्रमाण-पत्र के साथ पेश होने के आदेश दिए हैं।
स्वास्थ्य विभाग ने शनिवार को चरथावल, शाहपुर और शहर में झोलाझाप चिकित्सकों के खिलाफ छापामारी अभियान चलाया गया। सीएमओ डॉ पीएस मिश्रा ने डिप्टी सीएमओ डॉ जीएस मिश्रा और अपर मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ एसके अग्रवाल, डॉ वीके सिंह, डॉ शरण सिंह के नेतृत्व में टीमों का गठन किया। इसके बाद ताबड़तोड़ झोलाछाप, नीम हकीमों के खिलाफ अभियान चलाया गया। शाहपुर क्षेत्र में शाहजाद चौधरी, एमएम खान, सुभाष कपूर, हाजी हकीम मुनफैद, जितेंद्र, बाकत अली, निशा, निरंजन कुमार, राजकुमार, चरथावल में जितेंद्र कुमार तथा शहर में जबर खां, चांद, मोहम्मद शराफत, मोहम्मद शादाब के क्लीनिक समेत दर्जनों चिकित्सकों के यहां छापामारी की। छापामारी की कार्रवाई से झोलाछाप क्लीनिक बंद कर फरार हो गए। टीम ने चिकित्सकों के प्रमाण-पत्र देखने के साथ ही दवाइयों, रोगियों के उपचार के बारे में जानकारी ली।
छापामारी के बाद करीब 20 चिकित्सकों को नोटिस देकर सात में स्पष्टीकरण मांगा गया है। सीएमओ डॉ पीएस मिश्रा ने बताया कि झोलाछाप चिकित्सकों के खिलाफ कार्रवाई जारी रहेगी। नोटिस का जवाब नहीं देने वालों के खिलाफ विभागीय के साथ थानों में एफआईआर दर्ज की जाएगी।