नाविकों ने एसडीएम से लगाई गुहार
मोरना। शुक्रताल गंगा घाट पर मोटरबोट चलाने वाले प्रमित कुमार, सतेंद्र सैनी, दीपक कश्यप, रामकुमार कश्यप, शिवकुमार, धर्मेंद्र कुमार आदि ने बताया कि वे मोटरबोट चलाकर अपने परिवार की आजीविका किसी प्रकार चलाते हैं तथा गंगा में डूबने वाले तीर्थ यात्रियों की जान अक्सर बचाते रहते हैं। प्रमित ने बताया कि वह अब तक डेढ़ दर्जन तीर्थ यात्रियों की जान बचा चुके हैं। इसके अलावा अन्य स्थानों पर वह पुलिस का सहयोग कर शव को गहरे पानी में तलाश करते हैं। ऐसे में अगर गंगा सेवा समिति प्रत्येक माह लेने वाले शुल्क को आधा भी कर दे, तो काफी अच्छा होगा। एसडीएम ने मामले को संज्ञान में लेकर गंगा सेवा समिति के पदाधिकारियों से बातचीत कर मदद का आश्वासन दिया।