शनिवार की बारिश ने तोड़ा सीजन का रिकार्ड
मुजफ्फरनगर।
शनिवार रात्रि में इस मौसम की अब तक की सबसे अधिक वर्षा हुई। मौसम विभाग ने 105 मिली मीटर वर्षा रिकार्ड की। पूरी रात लगातार बारिश से शहर के निचले इलाकों में पानी भरने से मार्ग भी अवरुद्ध हो गए। रोडवेज बस अड्डे पर चौतरफा पानी की स्थिति बन गई। शहर के जनकपुरी, रामपुरी, खालापार के हालात तो खराब थे ही नई मंडी और गांधी कॉलोनी जैसे पॉश एरिया में भी सड़कों पर पानी भर गया। शिवचौक के इलाके से गुजरना दुश्वार हो गया। शहर के कई इलाकों में मकान भी गिरे, जिसमें कुछ लोग घायल हो गए।
शुक्रवार से शुरू हुई वर्षा दो दिन और दो रात लगातार हुई। रविवार सुबह साढे़ सात बजे तक लगातार बारिश हुई। रात्रि में इतनी तेज वर्षा हुई कि शहर के अधिकतम मुख्य मार्गों से गुजरना मुश्किल हो गया। सुबह के समय जब लोग सोकर उठे, चारो तरफ पानी ही पानी दिखाई दिया। रोडवेज बस अड्डे पर इतना पानी भरा था कि यात्री बस तक पहुंच नहीं पा रहे थे। पुलिस यातायात कार्यालय में कई फीट पानी एकत्र हो गया। दफ्तर के अंदर जाने के लिए भी कर्मचारियों को ऑटो का सहारा लेना पड़ा। शहर के निचले इलाकों रामपुरी, जनकपुरी, खालापार में जहां पानी भर गया, वहीं शहर की पॉश कॉलोनियों की हालत भी खराब ही दिखाई दी।
गांधी कॉलोनी और नईमंडी की कुछ गलियों में इतना पानी चढ़ गया ही पैदल तो क्या वाहन का निकलना भी मुश्किल हो गया। शिव चौक पर तो बारिश के घंटों बाद तक रास्ता बंद की स्थिति रही। जिन स्थानों पर निर्माण कार्य चल रहा है, वहां सड़क में गड्ढों के कारण वाहन गिरते दिखाई दिए। शहर के गहरा बाग में तीन चार कच्चे मकान गिर गए। गनीमत यह रही कि परिवार के लोग घायल तो हुए, लेकिन ज्यादा चोट किसी को नहीं आई। गहरा बाग में घरों में पानी भर जाने से लोगों को काफी परेशानियां हुई। मंडी में भी दो मकान गिरने से चार लोग घायल हुए। दिन में मौसम खुल जाने से मकान अधिक गिरे।
धान की फसल को हो सकता है नुकसान
मुजफ्फरनगर। लगातार बारिश के साथ चलने वाली तेज हवाओं के कारण खेतों में तैयार खड़ी धान की फसल भी गिर गई। किसान जहां बारिश से खुश थे, वहीं लगातार बारिश होने और खेतों में काफी पानी खड़ा हो जाने से उनकी चिंता बढ़ गई। खासकर धान की फसल के हवा में गिरने से किसानों को काफी नुकसान होने की संभावना है।