बेटे की मौत से पिता सदमे में
मोरना (मुजफ्फरनगर)। अंधविश्वास के फेर में पड़कर कभी कदार लोग झूठी आस लगा बैठते हैं। ऐसा ही सर्पदंश से मरने वाले बेटे की जिंदगी बचाने को भटक रहे परिजनों को मौत की सच्चाई से रू-ब-रू होना पड़ा। बूढ़े बाप ने जवान बेटे के शव को कांधा देकर उठाया। युवक की मौत से परिजनों समेत ग्रामीणों में शोक व्याप्त है। सूचना पर पहुंची पुलिस ने घटना की जानकारी की तथा पूर्व विधायक अनिल कुमार ने मृतक के परिवार को सांत्वना दी।
सोमवार दोपहर को ग्रामीणों की भीड़ सर्पदंश से मरेयुवक के शव को लेकर शुक्रताल स्थित गंगा घाट पर पहुंची। ग्रामीणों ने यहां युवक के शव को रस्सी में बांधकर गंगा की धार में छोड़ दिया। थाना पुरकाजी क्षेत्र के गांव हरिनगर निवासी पूर्व प्रधान लाल सिंह कश्यप ने बताया कि रविवार को उनका 21 वर्षीय पुत्र सुमित खेत पर गया था। दोपहर तक न लौटने पर परिजनों को चिंता हुई। किसी अनहोनी की आशंका के चलते परिजन खेत पर पहुंचे। जहां उन्होंने गन्ने के खेत में सुमित को पड़ा पाया। सुमित को बेहोश हालत में घर लाकर निजी चिकित्सकों को दिखाया गया। हालत बिगड़ती देख सुमित को पुरकाजी स्थित सरकारी अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। हालांकि डॉक्टर की बात से सदमा खाए बाप ने न माना तथा ग्रामीणों के कहने पर सुमित को जिंदगी मिल जाने की आस में भोपा, बेहड़ा सादात, कासमपुर खोला, बहसुमा, रामराज, शाहपुर, बुढ़ाना, डेरियो, महमूदपुर आदि स्थानों पर झाड़ फूंक करने वाले ओझाओं के पास ले गया। अंत में शंकरनाथ नामक सपेरे की बात मानकर सुमित को शुक्रताल स्थित गंगा में डुबोकर रखा गया। घंटों गंगा में डुबोकर रखने के बाद सुमित के परिजनों की आस टूट गई। बाद में परिजनों ने वैदिक रीति के अनुसार शुक्रताल स्थित श्मशान घाट पर उसका अंतिम संस्कार कर दिया।
बेटे नाथीराम की हालत बिगड़ी
मृतक सुमित के गमजदा पिता ने बताया कि उनका बड़ा बेटा परशुराम करंट लगने से मर गया था तथा उसकी पत्नी की मृत्यु कैंसर से हो गई थी। उनके दो पुत्र मोहित व नाथीराम हैं। परिवार में घट रही घटनाओं से नाथीराम की मानसिक हालत बिगड़ गई है। पूर्व विधायक अनिल कुमार, जिला पंचायत सदस्य सचिन शर्मा, प्रभुदयाल, जयभगवान, डा. मनोज, डा. ओमप्रकाश, डा. सुनील, डा. राकेश, चरणसिंह, सुबोध, कपिल, जयकरण, रमेश, जयवीर, बाबूराम, तेजपाल आदि उपस्थित रहे।