शादी समारोह में महिला पुरुष के एक साथ खाना खाने को लेकर जारी फतवे पर आयोग ने दारुल उलूम को भेजा नोटिस
दारुल उलूम प्रबंधतंत्र ने कहा: नोटिस प्राप्त होने के बाद ही कुछ कहना उचित
अमर उजाला ब्यूरो
देवबंद(सहारनपुर)। राष्ट्रीय महिला आयोग द्वारा शादी समारोह में महिला और पुरुष के एक साथ खाना खाने को गैर इस्लामिक बताने वाले फतवे पर दारुल उलूम से मांगे गए स्पष्टीकरण के मामले में प्रबंधतंत्र का कहना है कि उन्हें अभी महिला आयोग का पत्र प्राप्त नहीं हुआ है। उसके मिलने के बाद ही कुछ कहा जा सकता है।
राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष रेखा शर्मा ने शादी समारोह में महिला पुरुष के एक साथ खाना खाने को गैर इस्लामिक बताने वाले फतवों को लेकर संस्था के मोहतमिम मौलाना मुफ्ती अबुल कासिम नोमानी को पत्र भेजकर स्पष्टीकरण मांगा है। इस मामले में प्रबंधतंत्र का कहना है कि महिला आयोग ने जो पत्र भेजा है वो उन्हें अभी प्राप्त नहीं हुआ है। उसके मिलने के बाद ही इस पर कुछ कहा जा सकेगा। उधर, फतवे पर दारुल उलूम से स्पष्टीकरण मांगे जाने को लेकर मदरसा जामिया शेखुल हिंद के मोहतमिम मौलाना मुफ्ती असद कासमी का कहना है कि राष्ट्रीय महिला आयोग ने दारुल उलूम को जो नोटिस जारी किया है वो सरासर गलत है। दारुल उलूम से मुसलमानों की आस्था जुड़ी हुई है और वहां के मुफ्तियों से कोई सवाल पूछता है तो कुरआन और हदीस की रोशनी में इस्लाम की बारीकियां बताते हुए उसका जवाब दिया जाता है। उस पर अमल करना न करना उस शख्स की जिम्मेदारी बनती है जिसने दारुल उलूम से फतवा लिया है। दारुल उलूम या उसके मुफ्ती किसी के साथ उसे मानने के लिए जोर जबरदस्ती नहीं करते। मुफ्ती असद ने महिला आयोग द्वारा भेजे गए नोटिस की निंदा करते हुए उसे वापस लेने की मांग की। साथ ही यह भी कहा कि दारुल उलूम को इस प्रकार का नोटिस भेजा जाना शरीयत के ऊपर हमला करना है।