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चेयरमैन की शिकायत पर हटाये गये ईओ

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चेयरमैन की शिकायत पर हटाए गए ईओ
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मुजफ्फनगर। होर्डिग ई-टेंडर मामले में शासनादेशों के खिलाफ मनमर्जी के तरीके से एडवरटाइजिंग कंपनियों को ठेका छोड़ने के मामले में आखिरकार नगर पालिका के ईओ विकास सेन पर गाज गिर गई है। नगर विकास विभाग लखनऊ से आदेश आने के बाद ईओ को चार्ज छोड़ना पड़ा। डीएम ने ईओ का चार्ज सिटी मजिस्ट्रेट को दे दिया है। चेयरपर्सन अंजू अग्रवाल ने ईओ के गड़बड़झाले की शिकायत लिखित में शासन को की थी।
पालिका के राजस्व बढ़ोतरी के मामले में लापरवाही के दोषी ठहराते हुए नगर पालिका अध्यक्षा अंजू अग्रवाल ने नगर विकास के प्रमुख सचिव से ईओ विकास सेन की शिकायत की थी। चेयरपर्सन ने तालाबों के आवंटन मामले और होर्डिग की ई-टेंडरिंग में ईओ की भूमिका संदिग्ध पाई थी। शासनादेशों की अनदेखी कर बिना ई-टेंडर कराये कंपनियों को ठेके छोड़ दिए गए। सिर्फ इतना ही नहीं जिन एजेंसियों को टेंडर छोड़े गए, उनसे पालिका के खातें में धन भी जमा करा लिया गया। पूरे मामले में चेयरमैन को अंधेरे में रखा गया। खुलासा होने के बाद अंजू अग्रवाल ने कर अधीक्षक आरडी पोरवाल को उनके पद से हटाकर कार्यालय से अटैच कर दिया था। छोड़े गए ई-टेंडर भी रद्द कर दिए गए, मगर ईओ ने हठधर्मिता दिखाते हुए टेंडरों को जारी रखा। चेयरपर्सन और ईओ के बीच विवाद बढ़ता गया। अंतत: अग्रवाल ने शासन में अधिशासी अधिकारी की लिखित में शिकायत की। पूरे मामले से डीएम को भी अवगत कराया। ईओ पर सत्तापक्ष के कई नेताओं के दबाव में काम करने के आरोप लगे। पालिका बोर्ड की बैठक में हंगामा ओर विवाद के मामले में उन पर उंगलियां उठी। ईओ ने अपने स्तर शासन में बचाव की पैरवी भी की, मगर रहनुमा उन्हें बचा नहीं पाए।
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गोंडा भेजे गए ईओ
मुजफ्फरनगर। ईओ विकास सेन का तबादला गोंडा किया गया है। प्रदेश में योगी सरकार के बाद वे जिले में दोबारा आए थे, लेकिन करीब एक साल का कार्यकाल विवादों से घिरा रहा।
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