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किसानों का रेलवे फाटक बंद करने की घोषणा पर धरना

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रेलवे फाटक बंद करने की घोषणा के विरोध में किसानों ने दिया धरना
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मंसूरपुर (मुजफ्फरनगर)। रेलवे विभाग की ओर से मंसूरपुर फाटक बंद करने की घोषणा पर क्षेत्र के किसानों ने रेलवे फाटक पर धरना-प्रदर्शन किया। इस दौरान भाकियू नेता चंद्रपाल फौजी रेलवे ट्रैक पर चारपाई बिछाकर बैठ गए। उन्होंने प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा कि हमको गोली मारो या फिर लाठियां बरसाओ, हम तभी उठेंगे, जब हमारी मांग को पूरा किया जाएगा। इसको लेकर प्रशासन में खलबली मच गई। एडीएम व एसपी सिटी ने किसानों को रेलवे फाटक बंद नहीं करने का आश्वासन दिया, तब कहीं जाकर किसानों ने धरना समाप्त किया।
बता दें कि रेलवे विभाग द्वारा घोषणा की गई थी कि रेलवे का दोहरीकरण का कार्य लगभग पूरा होने वाला है। वे सोमवार से मंसूरपुर रेलवे फाटक को स्थायी रूप से बंद कर देंगे। क्षेत्र के किसानों ने रेलवे विभाग द्वारा फाटक बंद करने की घोषणा से आक्रोशित होकर सोमवार को एकत्र होकर भाकियू के पश्चिम उत्तर प्रदेश अध्यक्ष चंद्रपाल फौजी के नेतृत्व में मंसूरपुर रेलवे फाटक के बीच में दरी बिछाकर धरना देकर बैठ गए। चंद्रपाल फौजी रेलवे ट्रैक पर चारपाई बिछाकर बैठे। किसानों ने कहा कि रेलवे विभाग को चेतावनी देते हुए कहा कि रेलवे फाटक को किसी भी सूरत में बंद नहीं होने दिया जाएगा। किसानों का तर्क था कि रेलवे फाटक बंद हो जाने से भैंसा-बुग्गी में गन्ना लाने वाले किसानों के सामने समस्या उत्पन्न हो जाएगी। एक दर्जन गांव के किसान भैंसा बुग्गी में अपना गन्ना शुगर मिल में लाते हैं। भैंसा बुग्गी न तो फ्लाईओवर के ऊपर से चढ़ सकती है और न अंडरपास के अंदर से होकर जा सकती है। यदि फाटक बंद हुआ, तो किसानों के सामने बहुत बड़ी समस्या खड़ी हो जाएगी। किसानों का यह भी कहना था कि सकौती और दौराला में फाटक खुले हुए हैं, पहले उन्हें बंद कराओ। चंद्रपाल फौजी ने प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा कि प्रशासन चाहे गोली चलाए या लाठियां। वे किसी भी सूरत में रेलवे ट्रैक से नहीं उठेंगे। धरने पर पहुंचे एडीएम अमित कुमार व एसपी सिटी सत्यपाल अंतिल, सीओ खतौली आशीष प्रताप सिंह ने भी माना कि फाटक बंद हो जाने से भैंसा-बुग्गी में गन्ना लाने वाले किसानों के सामने समस्या आएगी। उन्होंने किसानों को आश्वासन दिया कि मंगलवार को जिला प्रशासन के साथ रेलवे अधिकारियों तथा किसानों की बैठक मुख्यालय पर होगी। जब तक किसानों तथा रेलवे अधिकारियों के बीच कोई लिखित समझौता नहीं हो जाता, तब तक रेलवे फाटक बंद नहीं होगा। इस आश्वासन पर किसानों ने धरना समाप्त कर दिया। धरने पर रालोद जिला उपाध्यक्ष विकास बालियान, वरिष्ठ नेता पंकज राठी, जिला पंचायत सदस्य संजय राठी, भाकियू नेता संजीव राठी, जगपाल जोहरा, अमरपाल सिंह, अशोक राठी, ऋषिपाल सिंह, इंदर भगत जी, टीटू राठी, मनोज जड़ौदा, अमित राठी, हरपाल सिंह सोंटा, हनीफ आदि मौजूद रहे।
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धरने पर कोई भी रेलवे अधिकारी नहीं पहुंचा
मंसूरपुर रेलवे फाटक पर किसानों का धरना सोमवार को 12 बजे से 2 बजे तक चलता रहा, लेकिन इस दौरान रेलवे का कोई अधिकारी धरनास्थल पर नहीं पहुंचा।

ट्रेन भी नहीं आई
किसान रेलवे फाटक के बीच में दरी बिछाकर धरना देकर बैठे हुए थे। इस दौरान कोई ट्रेन नहीं आई। रेलवे सूत्रों के अनुसार दोहरीकरण के चलते रेलवे ट्रैक पर कार्य चल रहा है तथा दिन में आने वाली ट्रेनें पहले से ही बंद है।
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रेलवे विभाग क्यों बंद करना चाहता है फाटक
रेलवे लाइन के दोहरीकरण के चलते ट्रेनों की स्पीड तथा उनकी संख्या बढ़ जाएगी। रेलवे फाटक खुले होने से ट्रेनों के संचालन में बाधा आएगी। दूसरे रेलवे विभाग का तर्क है कि मंसूरपुर फाटक प्लेटफार्म के बीच में आ रहा है। फाटक के दोनों ओर प्लेटफार्म बना हुआ है। जब तक रेलवे फाटक बंद नहीं होगा। प्लेटफार्म का कार्य पूरा नहीं होगा।
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