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पुरस्कृत वार्ड में भी गंदगी से लोग परेशान

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पुरस्कृत वार्ड में भी गंदगी से लोग परेशान
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देवबंद (सहारनपुर)। स्वच्छ सर्वेक्षण 2019 देवबंद को नंबर-1 बनाना है जैसे स्लोगन लिखे बैनर पोस्टर नगरपालिका ने कई स्थानों पर लगा दिए मगर इसका ज्यादा असर नहीं पड़ रहा है। रेलवे रोड पर स्थित इंडस्ट्रियल इस्टेट गंदगी से अटा पड़ा है। जो स्वच्छता सर्वेक्षण की पोल खोल रहा है। क्षेत्र के लोगों ने स्थायी सफाई कर्मचारियों की तैनाती की मांग की है।
सरकार जहां स्वच्छता पर विशेष ध्यान दे रही हैं वहीं स्वच्छता के मामले में नंबर-1 आने वाले शहरों तथा वार्डों को सम्मानित भी किया जा रहा है। पिछले दिनो ही देवबंद के वार्ड नंबर-4 को स्वच्छता का पुरस्कार दिया गया। लेकिन इसी वार्ड में गंदगी की भरमार है। इंडस्ट्रियल इस्टेट भी वार्ड नंबर-चार में ही पड़ता है। जिला उद्योग केंद्र की जर्जर हालत में पड़ी बिल्डिंग को कूड़ाघर में तब्दील कर दिया गया। इस रास्ते से काफी संख्या में स्कूल जाने वाले बच्चे और युवा गुजरते हैं। इतना ही नहीं इंडस्ट्रियल स्टेट में लघु उद्योग स्थापित होने के कारण व्यापारियों को भी गंदगी की समस्या का सामना करना पड़ रहा है।
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आईआईए के चेप्टर चेयरमैन विजय गिरधर ने मंगलवार को नगरपालिका के अधिशासी अधिकारी विनोद कुमार को सौंपे ज्ञापन में बताया कि इंडस्ट्रियल इस्टेट में जगह-जगह गंदगी के अंबार लगे हैं। नालियों की सफाई बिल्कुल नहीं होती है। इस कारण जलभराव की समस्या रहती है। डीआईसी की बिल्डिंग में बड़ी-बड़ी घास उगी है। कूड़े के ढेर और गंदा पानी भरा रहने से लोगों को भारी परेशानी उठानी पड़ रही है। उन्होंने जनहित की समस्या के निस्तारण के लिए इंड़स्ट्रियल इस्टेट में सफाई व कूड़ा उठाने के लिए दो सफाई कर्मियों को स्थायी रूप से नियुक्त करने की मांग की है। ईओ ने संगठन पदाधिकारियों को समस्या के निस्तारण का भरोसा दिलाया है। वहीं, कैलाशपुरम कालोनी निवासी अधिवक्ता मनोज सिंघल और संदीप सिंघल ने बताया कि मंदिर के पास गली आज भी कच्ची है। जिसे पक्का नहीं बनाया गया। दूसरे जगह-जगह कूड़ा पड़ा है। जो स्वच्छता अभियान की पोल खोल रहा है।
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