बुढ़ाना। हरियाणा प्रदेश का दिव्यांग कांवड़िया गर्मी में भी हरिद्वार से गंगाजल लेकर अपनी मंजिल की ओर बढ़ता जा रहा है। हरियाणा के बहादुरगढ़ की कबीर बस्ती का रहने वाला विक्की लुहार का कार्य करता है। विक्की बचपन से दिव्यांग है। परिवार की आर्थिक तंगी के कारण वह अपनी पढ़ाई पूरी नहीं कर सका। श्रावण मास में वह वृत्त रखकर तथा हरिद्वार से गंगाजल लेकर आया है। बैसाखी के सहारे वह अकेला अपनी मंजिल की ओर बढ़ रहा है। उसके साथ उसका कोई साथी अथवा परिवार वाला भी नहीं है।