मुजफ्फरनगर। एडीएम प्रशासन हरीशचन्द्र ने कहा कि कृषि विभाग की सभी योजनाओं में पारदर्शिता होनी चाहिए। योजनाएं कागजों में नहीं चलनी चाहिए, धरातल पर दिखनी चाहिए। किसानों के लिए जितनी भी योजनाएं चलाई जा रही है, इनकी जानकारी किसानों को हो, ऐसी पारदर्शी व्यवस्था बनाएं।
एडीएम कलक्ट्रेट में कृषि विभाग द्वारा संचालित योजनाओं की समीक्षा कर रहे थे। इस दौरान उप निदेशक कृषि नरेंद्र कुमार ने बताया कि पारदर्शी किसान सेवा योजना में अब तक 208161 कृषकों का पंजीकरण कराया जा चुका है। जो लक्ष्य का 89.91 प्रतिशत है। मृदा स्वास्थ्य सुधार योजना में 99.48 प्रतिशत लक्ष्य पूरा किया गया है। मृदा स्वास्थ्य कार्ड लक्ष्य के 71.91 प्रतिशत किसानों को वितरित किया गया। 2018-19 में 585 राजस्व ग्रामों में वर्मी कंपोस्ट यूनिट स्थापित की जानी है। लक्ष्य के सापेक्ष 66 कृषकों का पोर्टल पर आनलाइन चयन किया जा चुका है। तिलहन और दलहन में कोई बजट नहीं आया है। कृषि यंत्रीकरण योजना में 61 के सापेक्ष अब तक सात कृषकों का चयन कर उनके खातों को वैलिडेट किया जा चुका है। अन्य पंजीकृत कृषकों का खाता वैलिडेट कराने की कार्रवाई की जा रही है। राष्ट्रीय कृषि विकास योजना 57.14 प्रतिशत प्रगति की गई है। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में धान की फसल में केवल 51 किसानों ने ही बीमा कराया है। पांच गैर कृषकों ने बीमा कराया। आत्मा योजना की वर्ष 2018-19 की कार्ययोजना कृषि विभाग को 108, उद्यान विभाग को नौ, पशुपालन विभाग को 18, मत्स्य विभाग को 18 प्रदर्शनों का लक्ष्य दिया गया। कृषि विभाग ने सभी 108 प्रदर्शन कर लिए है। जिले के 54 कृषकों का भ्रमण कराया गया।