मोरना (मुजफ्फरनगर)।
स्वामी ओमानंद महाराज ने कहा कि भागवत लोक परलोक को सुधारती है और पापों का विनाश कर मन में भक्ति का स्थायी निवास का सर्जन करती है। भागवत हमें सद्मार्ग पर चलने की प्रेरणा देकर विषम परिस्थितियों पर विजय प्राप्त करने की शक्ति प्रदान करती है। मनुष्य के तनावपूर्ण जीवन को शांति प्रदान करती है। भागवत हमारी भारतीय संस्कृति का प्राण है। इस मौके पर उन्होंने आश्रम में चल रही पांच कथाओं का विधिवत रूप से शुभारंभ किया।
शुक्रताल स्थित शुकदेव आश्रम में स्वामी ओमानंद महाराज ने पांच भागवत कथाओं का दीप प्रज्ज्वलित करके शुभारंभ किया। इसमें सहारनपुर के वन रक्षक अनिल दुबे के तत्वावधान में आयोजित कथा में व्यास चितल गुजरात से पधारे स्वामी विश्वनाथ महाराज, लक्ष्मण गण नागरिक परिषद के तत्वावधान में कथा व्यास स्वामी रामनिवास आचार्य, इंदौर, मध्यप्रदेश के व्यास देवास से पधारे स्वामी अनिल शर्मा, पाली राजस्थान की कथा में नासिक से पधारी स्वामी गुरु मां चैतन्य मीराव, द्वितीय कथा इंदौर वालों की भागवत कथा में कथा व्यास अनुराग महाराज आदि को चंदन तिलक कर माला पहनाकर वैदिक मंत्रोचारण की बीच दीप प्रज्ज्वलित करके पांच भागवत कथाओं का शुभारंभ किया।
भगवान की भक्ति का महत्व बताया
(फोटो समाचार)
मीरापुर। श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ के दूसरे दिन कथा व्यास पंडित ब्रिजेश शास्त्री ने कहा कि मनुष्य यदि भक्ति भाव से भगवान को याद करता है तो भगवान भी उस पर अपनी कृपा करते हैं। कथा व्यास ने नारद मोह, भिलनी तथा भक्त रैदास के प्रसंग सुनाकर भगवान की भक्ति के महत्व को बताया।
उन्होंने कहा कि भगवान को भक्तिभाव से याद किया जाता है तो मानव को मोक्ष प्राप्त हो सकता है। उन्होंने भगवान के 24 अवतारों का वर्णन करते हुए महाराज परीक्षित और उनके शौर्य के प्रसंग से उपस्थित जनसमूह को भाव-विभोर कर दिया। कथा के मुख्य यजमान जितेंद्र कुमार डागा रहे। उधर, श्रीराम सुंदर परिवार के 18वें वार्षिकोत्सव पर श्रीराम मंदिर पंजाबी कालोनी में तीन दिवसीय धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा। मुकेश शर्मा ने बताया कि 29 दिसंबर को महामृत्युंजय जाप, चाक्षुषी विद्या, कनकधारा पूजन, पुत्रदा एकादशी कीर्तन होगा। 30 दिसंबर को महामृत्युंजय जाप एवं रुद्राभिषेक और दीपदान यज्ञ के बाद रात को सुंदर कांड पाठ होगा। 31 दिसंबर सुबह सुंदर कांड यज्ञ के उपरांत दोपहर में भंडारा किया जाएगा। शुक्रताल से पधारे पंडित ध्रुव दत्त आचार्य के सानिघ्य में धार्मिक कार्यक्रम होंगे।