मोरना (मुजफ्फरनगर)। शुकतीर्थ के जीर्णोद्वारक, शिक्षा ऋषि स्वामी कल्याणदेव महाराज की 16वीं पुण्यतिथि पर भागवत पीठ शुकदेव आश्रम में स्थित समाधि मंदिर में संतों, आचार्यों और श्रद्धालुओं ने पुष्प अर्पित कर महान संत को नमन किया। पीठाधीश्वर स्वामी ओमानंद महाराज ने कहा कि वीतराग संत की कीर्ति गाथा राष्ट्र की प्रेरणासोत्र है।
पौराणिक शुकतीर्थ में कोविड-19 की वजह से निष्काम संत की पुण्यतिथि मंगलवार को सादगी से मनाई गई। उनकी स्मृति में आयोजित श्री मद्भागवत कथा यज्ञ की पूर्णाहुति हुई। तीन सदी के युगद्रष्टा के समाधि मंदिर में प्रात: विधि-विधान से पादुका पूजन तथा चरणाभिषेक किया गया। यज्ञशाला में वेद मंत्रोच्चार से हवन में प्राणी मात्र की कोरोना आपदा से रक्षा हेतु आहुतियां दी गई। समाधि पर आरती के उपरांत पुष्पांजलि अर्पित की गयी। पीठाधीश्वर स्वामी ओमानंद महाराज ने कहा कि गुरुदेव शुकतीर्थ के शिल्पी तथा निर्माता थे। उन्होंने शुकतीर्थ को विश्व पटल पर समृद्ध और गौरवांवित किया। शिक्षा ऋषि का जीवन आदर्शों की पराकाष्ठा है। आज तीर्थो में वीतराग स्वामी कल्याणदेव जैसे सच्चे संतों की आवश्यकता है। वे सच्चे पथ प्रदर्शक थे। गुरुदेव का जीवन वंदनीय है।
वैदिक संस्कार चेतना अभियान संयोजक आचार्य गुरुदत्त आर्य ने कहा कि जिले में स्वामी जी ने गुरुकुलों की स्थापना कर ऋषियों की वैदिक संस्कृति को आगे बढ़ाया था। उनकी सादगी, सरलता और सदाचरण से युवा प्रेरणा लें। स्वामी भरतदेव महाराज ने कहा कि स्वामी जी ने शिक्षा के साथ वृद्धजनों, दिव्यांगों के लिए आश्रम बनवाए। ट्रस्ट सचिव कुंवर देवराज पंवार, आंदोलनकारी मास्टर विजय सिंह, पूर्व प्रधानाचार्य डॉ. हरपाल पंवार, समाजसेवी सत्यप्रकाश रेशू ने विचार रखे। इससे पूर्व पूजन भागवताचार्य रामस्नेही महाराज, कथा व्यास आशीष माधव शास्त्री, प्रधानाचार्य ज्ञान प्रसाद, आचार्य गिरीश चंद उप्रेती, अरुण उपाध्याय, प्रदीप उपाध्याय, ठाकुर प्रसाद, रोहित, नितेंद्र, धीरेंद्र, शिव प्रकाश, भक्त सीताराम ने कराया। भाजपा नेता अमित राठी, राजीव सिंह , विनोद शर्मा, सुनील चौहान, भोपा थाना प्रभारी निरीक्षक संजीव कुमार , शैलेष चौरसिया, विजय शर्मा, राजू , हरीश कांत शर्मा , अधिवक्ता ओम प्रकाश उपाध्याय आदि ने श्रद्धाजंलि दी। सोशल डिस्टेंसिंग के साथ भंडारे में तीर्थ के साधु-महात्माओं को भोजन कराया गया।