जिला विद्यालय निरीक्षक पर गिर सकती है गाज
मुजफ्फरनगर। यूपी बोर्ड परीक्षा में चरथावल ब्लाक के जनता इंटर कॉलेज बाढ़ के एग्जाम सेंटर पर पकड़ी गई सामूहिक नकल के मामले में डीएम अजय शंकर पांडेय ने डीआईओएस की भूमिका को संदिग्ध मानते हुए कार्रवाई के लिए रिपोर्ट शासन को भेज दी है। गैर राज्य और गैर बोर्ड के अभ्यर्थियों के लिए शासनादेश को ताक पर रखकर परीक्षा सेंटर बनाने में जिला विद्यालय निरीक्षक प्रवीण मिश्रा की भूमिका संदिग्ध पाई गई है। शासन को रिपोर्ट भेजे जाने से डीआईओएस पर गाज गिरना तय माना जा रहा है।
डिप्टी सीएम दिनेश शर्मा के निर्देश पर एसटीएफ ने छापा मारकर 22 फरवरी को जनता इंटर कॉलेज बाढ़ में सामूहिक नकल का पर्दाफाश किया था। इंटरमीडिएट के प्राईवेट छात्र-छात्राओं को इस परीक्षा केंद्र पर भौतिक विज्ञान के पेपर में इमला बोल-बोलकर नकल कराई जा रही थी। सेंटर पर फर्जी कक्ष निरीक्षक और सॉल्वर पकड़े गए थे। केंद्र व्यवस्थापक प्रधानाचार्य और नकल माफिया समेत 17 आरोपियों को पुलिस जेल भेज चुकी है। डीएम अजय शंकर पांडेय ने डीआईओएस प्रवीण मिश्रा की भूमिका की जांच सीडीओ को सौपी थी। तीन दिन पहले सीडीओ अर्चना वर्मा ने जांच रिपोर्ट डीएम को सौंपी थी। डीएम अजय शंकर पांडेय ने सीडीओ की रिपोर्ट का अध्ययन करने के बाद अपनी संस्तुति के साथ शासन को भेज दिया है। शासन को डीएम की रिपोर्ट जाते ही डीआईओएस प्रवीण मिश्रा पर अब गाज गिरना तय माना जा रहा है।
जांच रिपोर्ट शासन को भेजी
मुजफ्फरनगर। डीएम अजय शंकर पांडेय ने बताया कि सीडीओ ने जो जांच रिपोर्ट तैयार की थी, उस पर अपनी संस्तुति करते हुए शासन को भेज दी गई है। सामूहिक नकल पकड़ा जाना गंभीर मामला है और यह अक्षम्य अपराध है। गैर राज्य और गैर बोर्ड के व्यक्तिगत हाईस्कूल और इंटरमीडिएट के छात्र-छात्राओं का एग्जाम सेंटर मुख्यालय पर बनाए जाने का नियम है। शासनादेश की पूरी तरह अनदेखी की गई है।