समाजसेवा और देश रक्षा के प्रहरी थे महाराजा अग्रसेन
चरथावल। भाजपा के पूर्व विधायक अशोक कंसल ने कहा कि महाराजा अग्रसेन समाजसेवा और देश सेवा के सच्चे प्रहरी थे। उनका जीवन समाज के लिए अनुकरणीय है। छात्राओं ने सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत कर मनमोह लिया।
रविवार को महाराजा अग्रसेन कन्या महाविद्यालय में आयोजित महाराजा अग्रसेन जयंती पर मेधावी छात्राओं के अलंकरण समारोह में मुख्य अतिथि पूर्व विधायक कंसल ने कहा कि बेटियों की शिक्षा पर राष्ट्र और समाज की तरक्की टिकी है। बेटी बचाओ और बेटी पढ़ाओ के नारे को बुलंद करना है। वैश्य समाज निर्मल मन से एकजुट होकर महाराजा अग्रसेन के समाज सेवा के सपने को साकार करें। शिक्षा में कोई अमीर अथवा गरीब नहीं है। समारोह की अध्यक्षता कर रहे मूलचंद अग्रवाल ने कहा कि बेटियां लक्ष्य निर्धारित कर हर मुकाम पा सकती हैं। विशिष्ट अतिथि महाराजा अग्रसेन स्मारक ट्रस्ट के अध्यक्ष सत्यप्रकाश मित्तल ने कहा कि मातृ शक्ति की वजह से ही राष्ट्र, संस्कृति और धर्म सुरक्षित है। इससे पूर्व, अतिथियों ने महाराजा अग्रसेन की मूर्ति के समक्ष हवन पूजन के बाद माल्यार्पण किया। प्रमुख यजमान ब्रह्मप्रकाश गर्ग रहें। छात्राओं ने अग्रसेन के जीवन मूल्यों पर आधारित नाटक प्रस्तुत किया। रंगांरग कार्यक्रम में छात्राओं ने दाद बटोरी। इससे पूर्व. अतिथियों ने होम साइंस लैब का लोकार्पण किया। प्रबंधतंत्र की ओर से अतिथियों को प्रतीक चिह्न और शॉल ओढ़ाकर सम्मानित किया गया। समारोह की अध्यक्षता मूलचंद सराफ और प्राचार्या डॉ. कलानिधि शर्मा ने किया। अध्यक्षता मदन लाल बंसल, ब्रह्मप्रकाश गर्ग, हरिप्रकाश गर्ग, कोमल सिंघल, व्यापार मंडल अध्यक्ष अनुज गर्ग, अमरीश गर्ग, अमित बंसल, मनीष गर्ग, अनुज गर्ग, अशोक गर्ग, प्रवीण कुमार मौजूद रहे।
ब्लॉक से वैश्य समाज के मेधावी सम्मानित
चरथावल। अलंकरण समारोह में अतिथियों ने ब्लॉक में यूपी बोर्ड एवं सीबीएसई में इंटर में अनुषी गर्ग, आयुषी, युग सिंघल, अनमोल, अपूर्व, महक, खुशबू, मयंक और हर्ष एवं हाईस्कूल में गुंजन गर्ग, विधि, तान्या, स्नेहा, अंशिका, उत्सव, कनिका, हर्ष, श्रुति, प्रियांश, अभिषेक, जय सिंघल, शिवाशीष, काजल को प्रशस्ति पत्र और उपहार प्रदान कर सम्मानित किया। इसके अलावा वैश्य समाज के विभिन्न क्षेत्रों में योगदान करने वाले समाजसेवी पपनी कंसल, शिक्षा प्रेमी डॉ. रामनाथ प्रेमी, साहित्य के क्षेत्र में सेवाराम गर्ग एवं श्यामलाल बंसल को शॉल ओढ़ाकर सम्मानित किया।