मुजफ्फरनगर। सड़कों पर बढ़ते हादसों में छिन रहीं जिंदगियों को बचाने के लिए सफर के दौरान सुरक्षा की जागरूकता सबसे जरूरी है। राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा सप्ताह के तहत वाहन चालकों को सुरक्षित सफर का संदेश दिया जा रहा है, मगर फिर भी गलत तरीके से वाहन सड़कों पर दौड़ रहे है। ट्रिपल राइडिंग, ओवर स्पीड, गलत ओवरटेकिंग, रॉग साइड में ड्राइविंग जैसे कारणों से सबसे ज्यादा सड़क दुर्घटनाएं होती है।
सड़क हादसों में सबसे ज्यादा मौतों की वजह असुरक्षित ड्राइविंग है। मनमाने तरीके से वाहन चलाने की आदतें जिंदगी पर भारी पड़ रही है। दिल्ली-दून हाइवे, पानीपत-खटीमा राष्ट्रीय राजमार्ग, मुजफ्फरनगर-सहारनपुर फोरलेन, दिल्ली-पौडी हाईवे, मेरठ-करनाल हाईवे जिले से जुड़े ऐसे सड़क मार्ग है, जिन पर सबसे ज्यादा वाहन चालक दुर्घटनाग्रस्त होते है। ऐसे हादसों की तादाद कम नहीं हैै, जिसमें एक साथ परिवार खत्म हो रहे हैं। नियम कानून से बेपरवाह दुपहिया वाहन चालकों पर सबसे ज्यादा खतरा है। सड़कों पर एक बाइक और स्कूटी पर तीन से चार सवारी दिखती है। बाइकों पर दंपति के साथ बच्चों की जिंदगी भी खतरे में डाली जा रही है। जागरूकता के बावजूद दुपहिया वाहन चालकों में ट्रिपल राइडिंग का क्रेज खत्म नहीं हो रहा है। ओवर स्पीड युवाओं को मौत का शिकार बना रही है। गलत ओवरटेकिंग, रॉग साइड ड्राइविंग से भी बड़े हादसे होते हैं। बाइकों की टक्कर में मौतों की संख्या बढ़ी है। ग्रामीण क्षेत्र के संपर्क मार्ग भी महफूज नहीं रहे है। ओवर स्पीड के कारण दोपहिया वाहनों की टक्कर जानलेवा साबित होती है। राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा सप्ताह के तहत 29 अप्रैल तक जिले में सड़क सुरक्षा से वाहन चालकों को जागरूक किया जाना है। मंगलवार को शहर की सड़कों पर कहीं ट्रिपल राइडिंग दिखी, तो कहीं एक ही बाइक पर बच्चों के साथ दंपति जाते नजर आए।
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पैदल मार्च निकाल कर जागरूक किया
मुजफ्फरनगर। सड़क सुरक्षा जागरूकता के लिए शहर में एनसीसी, एनएसएस, स्काउट, सामाजिक संगठनों ने प्रकाश चौक से पैदल मार्च निकाला। स्लोगन, हैंड बिल के माध्यम से वाहन चालकों को सुरक्षा के नियमों की जानकारी दी गई। कोर्ट रोड, महावीर चौक, टाउन रोड आदि स्थानों से होकर गुजरा पैदल मार्च जीआईसी के मैदान में जाकर संपन्न हुआ।