मुजफ्फरनगर। सदर ब्लाक के गांव मेघाखेड़ी में आर्य समाज के वार्षिकोत्सव का शुभारंभ हुआ। आचार्य गुरुदत्त आर्य ने कहा कि जीवन में शांति, सुख और कल्याण को घर- घर में सत्कर्म का प्रारंभ यज्ञ से करें। यज्ञ संसार का श्रेष्ठ कर्म है।
वार्षिकोत्सव में पधारे आचार्य गुरुदत्त आर्य ने कहा कि यज्ञ संस्कृति वैज्ञानिक पद्धति है। देव पूजा, संगतिकरण और दान, यज्ञ के तीन अर्थ है। जीवन में शुभ कर्म का प्रारंभ यज्ञ से करें। परिवार में यज्ञ से बच्चे संस्कारित बनेंगे, ईश्वर की कृपा होगी, सद्मार्ग मिलेगा। यज्ञ पर्यावरण शुद्धि के साथ प्राणिमात्र को आरोग्य भी बनाता है। वायु, जल, वनस्पति, औषधि और अन्न भी यज्ञ से स्वस्थ होते है। यज्ञ और योग जीवन के लिए वैदिक संस्कृति का वरदान है। आचार्य रणवीर सिंह ने कहा कि वेद विश्व का प्रथम ज्ञान है। परमात्मा ने मनुष्य कल्याण के लिए आदि सृष्टि में जड़, चेतन, आध्यात्मिक, भौतिक एवं ज्ञान-विज्ञान वेदों में प्रदान किया। महाभारत काल तक वेदों के अनुरुप समाज की व्यवस्था चलती थी। ईश्वर सर्व व्यापक है। सदैव स्मरण रख पाप से बचें। स्वामी योगानंद सरस्वती ने कहा कि देश में सत्य, न्याय, नैतिक आचरण के लिए महर्षि दयानंद के प्रकाश को फैलाए। भजनोपदेशक जबर सिंह खारी और सुरेंद्र सिंह आर्य ने प्रेरक भजन सुनाए। सदर ब्लाक प्रमुख अमित चौधरी, रविंद्र आर्य, कंवरपाल आर्य, रोहिताश सिंह, संदीप आर्य, वैध मोहर सिंह आर्य ने विचार रखे। संचालन नरेश आर्य ने किया। आर्य समाज के मंत्री अजीत सिंह ने आभार जताया।