राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की पुण्यतिथि कुष्ठ निवारण दिवस के रुप में मनाई गई। स्वास्थ्य विभाग ने स्पर्श कुष्ठ जागरूकता अभियान शुरू किया। कुष्ठाश्रम पर फल वितरित किए गए। सीएमओ ने कहा कि यह बीमारी छूने से नहीं फैलती है, इसलिए रोगी से भेदभाव न करें।
कुष्ठ आश्रम के साथ गांवों में डीएम का भाषण पढ़ा गया। इसके बाद ग्राम सभा के सदस्यों ने कुष्ठ रोग से पीड़ित व्यक्ति के साथ सामाजिक भेदभाव की रोकथाम के लिए जागरूकता लाने की प्रतिज्ञा ली। रुड़की रोड पर कुष्ठाश्रम पर सीएमओ डॉ पीएस मिश्रा ने ध्वजा रोहण किया। इस दौरान दो मिनट का मौन रखा गया। सीएमओ ने कहा कि गांधी जी ने संपूर्ण जीवन में कुष्ठ रोगियों की सेवा और उनके प्रति छुआछूत एवं भेदभाव को समाप्त करने के प्रयास किए। उन्होंने कहा कि कुष्ठ रोग छूने से नहीं फैलता है। जिला कुष्ठ रोग अधिकारी डॉ सुषमा यादव ने कहा कि कुष्ठ रोग की पहचान एवं जांच शुरुआत में करा ली जाए तो उसका इलाज संभव है। साथ ही रोग से होने वाली दिव्यांग्ता से बचा जा सकता है। उन्होंने कहा कि पड़ोस में किसी व्यक्ति को इस रोग के लक्षण दिखाई पड़े तो क्षेत्र की आशा, आंगनबाड़ी या स्वास्थ्य कार्यकर्ता को जानकारी दें। कार्यक्रम का डॉ संचालन गीतांजलि वर्मा ने किया। हरिप्रसाद, प्रदीप शर्मा, अशोक, राजकुमार यादव आदि मौजूद रहे।