नगरपालिका में चल रही सफाई कर्मचारी संघ की 12वें दिन हड़ताल खत्म हो गई। पालिका प्रशासन पूरे मामले में बैकफुट पर नजर आया। हड़ताली कर्मचारी पूरे प्रकरण में हावी रहे। अधिकारियों ने समझौता वार्ता में कर्मचारियों की जायज मांगों पर हामी भर दी है। इसके साथ कर्मचारियों ने हड़ताल समाप्त करने का एलान किया, जिसके चलते कई दिन से पालिका में बंद पड़े दफ्तरों के ताले खुल गए हैं।
सफाई कर्मचारी संघ के बैनरतले सफाई कर्मचारियों ने पिछले 12 दिन से हड़ताल कर रखी थी। कर्मचारी बोनस, एरियर, मैन पॉवर बढ़ाने तथा संसाधन आदि मांगों को लेकर नौ जनवरी से हड़ताल पर थे। इससे शहर के 50 वार्डों में सफाई व्यवस्था चौपट पड़ी थी। वहीं, शुक्रवार से पालिका के स्वायत्त शासन कर्मचारी महासंघ ने भी कार्यालय में तालाबंदी कर हड़ताल शुरू कर दी थी। मामला बढ़ने से स्थिति बेकाबू हो गई। सफाई व्यवस्था के अलावा अन्य कार्य बेपटरी होने पर आला अफसरों में हड़कंप मच गया। शनिवार को पालिका चेयरपर्सन अंजू अग्रवाल ने समझौता वार्ता बैठक बुलाई, जिसमें पालिका प्रशासन और सफाई कर्मचारियों के बीच घंटों तक जद्दोजहद हुई। आखिरकार पालिका प्रशासन को मामले में बैकफुट पर जाना पड़ा। हटाए गए 116 कर्मचारियों को ठेका देकर दोबारा से नौकरी दी जाएगी। इसके साथ ही बोनस, एरियर और अन्य महंगाई भत्ता आदि देने के लिए भी पालिका ने सहमति जताई। पालिका चेयरपर्सन ने बदहाल हुई सफाई व्यवस्था को सुचारु करने के लिए कर्मचारियों से अपील की है। वार्ता के बाद सफाई कर्मचारी संघ ने हड़ताल समाप्त करने की घोषणा की और रविवार से वार्ड में सफाई अभियान चलाने का भरोसा दिया। इसके साथ ही पालिका के कर्मचारियों ने भी हड़ताल से समर्थन वापस लेकर काम पर लौटने का एलान किया है। दोपहर बाद पालिका में तालाबंद कार्यालयों को खोल दिया गया, तब जाकर पालिका में कार्य हो सका। वार्ता के दौरान ईओ विकास सैन, लेखाकार राजेंद्र सिंह, सभासद प्रवीण पीटर, विकल्प जैन, नरेश चंद गुप्ता, मनोज कुमार वर्मा, अमति बॉबी, कर्मचारी नेता तनवीर आलम, राजेंद्र योगी, मुकेश शर्मा, कर्मचारी संघ के अध्यक्ष राजू वैद, महामंत्री मदनलाल, राजाराज शास्त्री, कस्तूर सिंह स्नेही, श्यामलाल बेनीवाल, कालूराम पारचा, सरोज सुधा आदि मौजूद रहे।
इन मुद्दों पर बनी सहमति
कर्मचारियों को 28 फरवरी तक बोनस का भुगतान होगा ।
शासनादेश के अनुमान में एक प्रतिशत महंगाई भत्ता नकद मिलेगा।
ठेके पर रखे गए कर्मचारियों का चार माह में से दो माह का भुगतान नगद होगा।
समस्त संविदा सफाई कर्मचारियों का एरियर भुगतान नगद किया जाएगा।
सफाई कर्मचारियों को उपकरण जल्द उपलब्ध कराया जाएगा।
हड़ताल के दौरान अवधि में कोई भी उत्पीडऩात्मक कार्रवाई नहीं होगी।