ऋण माफी की घोषणा किसान के लिए बनी मुसीबत
जानसठ (मुजफ्फरनगर)। प्रदेश सरकार द्वारा ऋण माफी की घोषणा किसानों के लिए मुसीबत बन गई है। एक किसान के खाते में ऋण माफी का पैसा आने के बाद वापसी चले जाने पर किसान को सदमा लग गया। सदमे की वजह से किसान किसी से बातचीत भी नहीं कर रहा है। बैंक प्रबंधक ने बताया कि गलती से किसान का नाम लिस्ट में आ गया था।
गांव राजपुर कला निवासी धर्मवीर पुत्र राम सिंह का ऋण माफी की लिस्ट में नाम आ गया था। किसान को प्रमाण पत्र भी दिया गया तथा उसके खाते में एक लाख रुपये आ गए थे। हालांकि किसान के खाते से एक लाख रुपये वापस चले गए। पैसे वापस चले जाने पर किसान को सदमा लगा है। किसान ने इसकी शिकायत बैंक प्रबंधक से की, तो उन्होंने उसे उच्चाधिकारियों से वार्ता कर समस्या का समाधान कराने का आश्वासन दिया है। बैंक प्रबंधक नीरज भारती ने बताया कि ऋण माफी की लिस्ट में भूलवश छह किसानों के नाम आ गए थे, जिनके खाते में पैसे आने के बाद सरकार को वापस कर दिया गया है। किसान काफी दिनों से बीमार चल रहा है। इसकी आर्थिक स्थिति भी ठीक नहीं है। कुछ दिन पूर्व ही किसान के पुत्र की भी बीमारी के कारण मौत हो गई थी, जिसको लेकर किसान पहले से ही तनाव में चल रहा था। इसके बाद किसान के खाते से ऋण माफी के एक लाख रुपये वापस चले जाने से किसान सदमे में है। किसान सदमे की वजह से किसी से बातचीत भी नहीं कर रहा है।