पटाखों के अवैध भंडारण की सूचना पर छापेमारी
शाहपुर। पटाखों के अवैध भंडारण की सूचना पर अफसरों ने सोमवार को कई व्यापारियों के प्रतिष्ठानों पर छापेमारी की। छापे में कुछ भी नहीं मिलने से नाराज व्यापारियों ने अफसरों पर एक कथित आईटीआई कार्यकर्ता के इशारे पर छापे मारने का आरोप लगाते हुए जमकर हंगामा किया। जानकारी मिलने पर सांसद व विधायक ने भी थाने पहुंचकर पुलिस व अफसरों को जमकर हड़काते हुए गुस्साए व्यापारियों को निष्पक्ष जांच के बाद कार्रवाई का आश्वासन दिया।
सोमवार को सिटी मजिस्ट्रेट अतुल गुप्ता, एसडीएम बुढ़ाना कुमार भूपेंद्र आयकर विभाग की टीम व भारी पुलिस बल के साथ पहुंचे। टीम ने व्यापारी व भाजपा नेता मनमोहन दास बंसल के आवास पर छापेमारी की, लेकिन कुछ नहीं मिला। इसके बाद अधिकारियों ने बंसल के परिवार के अन्य लोगों के घरों व दुकानों पर भी छापेमारी की, लेकिन वहां से भी कुछ आपत्तिजनक नहीं मिला। इस पर टीम कस्बा पुलिस चौकी पर जाकर बैठ गए। सूचना पर पहुंचे नगर पंचायत अध्यक्ष प्रमेश सैनी की मौजूदगी में टीम की व्यापारियों से वार्ता हुई। इसी दौरान कृष्णपाल नामक व्यक्ति पुलिस चौकी पर पहुंचा और छापामार टीम को एक मकान में बड़े पैमाने पर पटाखों का अवैध भंडारण किए जाने का आरोप लगाया। इस पर अफसरों की टीम ने एक बार फिर व्यापारियों के घर-दुकान पर छापेमारी की, लेकिन इस बार भी कुछ हासिल नहीं हुआ। इसके बाद व्यापारियों में आक्रोश फैल गया और वे दुकानें बंद कर हंगामा-प्रदर्शन शुरू कर दिया। व्यापारियों ने कृष्णपाल पर फर्जी शिकायत करने का आरोप लगाते हुए उसके खिलाफ कार्रवाई की मांग की। मामले की जानकारी मिलने पर सांसद डॉ संजीव बालियान व विधायक उमेश मालिक मौके पर पहुंचे, जिन्होंने घटना की जानकारी लेने के बाद टीम में शामिल अफसरों को जमकर हड़काया। इसके बाद उन्होंने व्यापारियों को निष्पक्ष जांच का आश्वासन देकर शांत किया। भाजपा नेता श्यामपाल सिंघल, व्यापारी नेता बालेश सिंघल, उमेश मित्तल, बंटी सिंघल व मनोज सैनी आदि मौजूद रहे।
कथित शिकायतकर्ता पर रंगदारी मांगने का आरोप
शाहपुर। अफसरों को फर्जी सूचना देने वाले शिकायतकर्ता पर व्यापारी मनमोहन दास बंसल के पुत्र विजय बंसल ने तहरीर देते पांच लाख रुपये की रंगदारी मांगने का आरोप लगाया है। व्यापारी पुत्र ने बताया कि उसकी ओम बीड़ी कंपनी के नाम से फर्म है, कस्बा निवासी कृष्णपाल नामक व्यक्ति पिछले कई माह से उससे पांच लाख रुपये की रंगदारी मांग रहा था। रुपये नहीं देने पर आरोपी ने झूठी शिकायत कर उसकी जांच कराने की धमकी दी। आरोप है कि उक्त शिकायतकर्ता की झूठी सूचना के बाद ही अफसरों ने छापेमारी की, लेकिन कुछ नहीं मिला, जिससे उसकी सामाजिक प्रतिष्ठा धूमिल हुई है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।