फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

दलित युवकों का कलेक्ट्रेट में प्रदर्शन

विज्ञापन
विज्ञापन
दलित युवकों का कलक्ट्रेट में प्रदर्शन
विज्ञापन

मुजफ्फरनगर। एससी-एसटी एक्ट को निष्प्रभावी करने के प्रयासों के विरोध में दलित समाज के युवकों ने नगर में जुलूस निकालकर डीएम कार्यालय पर प्रदर्शन किया। राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री से एससी एक्ट के निष्प्रभावी करने के विषय में सुप्रीम कोर्ट के निर्णय के विरुद्ध अपील दायर करने की मांग की है।
विज्ञापन

सोमवार को बहुजन सशक्तिकरण संघ के बैनरतले दलित समाज के युवकों ने नगर में जुलूस निकाला और कलक्ट्रेट स्थित डीएम कार्यालय पर पहुंचकर धरना दिया। इस प्रदर्शन के उपरांत संघ के पदाधिकारियों ने राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री के नाम संबोधित ज्ञापन डीएम को सौंपा। इसमें संघ नेताओं ने कहा कि भारत में एससी-एसटी वर्ग के लोगों के साथ सदियों से भेदभाव और शोषण होता आया है। सामाजिक शोषण रोकने के लिए ही केंद्र सरकार ने एससी-एसटी एक्ट को लागू किया था। इसमें उक्त वर्ग के लोगों के कल्याण के लिए समय समय पर संशोधन भी किए गए। एससी-एसटी अत्याचार निवारण संशोधित कानून 2016 भी इसी वर्ग के लोगों के कल्याण के लिए लागू किया गया। ऐसे में अब सर्वोच्च न्यायालय द्वारा एक अपील डॉ सुभाष काशीनाथ महाजन बनाम महाराष्ट्र सरकार के मामले में 20 मार्च को दिए निर्णय के अनुसार एससी-एसटी एक्ट को निष्प्रभावी करार दिया गया है। इस कारण इस समाज के लोगों पर पुन: अत्याचार और उत्पीड़ऩ और उनका शोषण तेज हो जाएगा। इस आदेश में कहा गया है कि आरोपी की गिरफ्तारी से पूर्व पुलिस अधीक्षक स्तर के अधिकारी से अनुमति लेनी होगी, जो कभी नहीं मिलने वाली है। संघ नेताओं ने कहा कि ऐसा होने पर इस एक्ट का उद्देश्य ही समाप्त हो जाएगा। संघ ने सुप्रीम कोर्ट के इस आदेश के विरुद्ध भारत सरकार से पुनर्विचार याचिका दायर करने की मांग की है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें