खतौली। शासन के आदेश के बाद स्थानीय प्रशासन भी अर्लट मोड़ पर है। स्थानीय प्रशासन ने कस्बे में स्थित मदरसों की जांच का कार्य शुरू किया। कस्बे में चल रहे कई दर्जन मदरसों में से 15 मदरसों की जांच की गई। सभी मदरसे बिना मान्यता प्राप्त चलते हुए पाए गए।
शनिवार की दोपहर से देर सायं तक कस्बे में स्थित मदरसों की जांच के लिए जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी मैत्री रस्तौगी, एसडीएम जीत सिंह राय, एबीएसए पंकज अग्रवाल के साथ अन्य कर्मचारियों की टीम कस्बे में रही। तहसील क्षेत्र में मदरसों की संख्या सैकड़ा पार होने के कारण टीम मात्र 15 मदरसों की ही जांच कर पाई। किसी भी मदरसे के पास अल्पसंख्यक विभाग या शिक्षा विभाग या अन्य किसी का मान्यता प्रमाण पत्र नही मिला।
आयशा सिददीका, इममूल उलूम, इरहात उल उलूम, खादीम उल कुरान, जामिया उल शलादत, इस्लामिया एकेडमी, तालिमुल इस्लाम, सबी तुस सालाम, अल फताह एकेडमी, जामिया अरबिया सहलुलाहत फुलत, जामिया इमाम वल्ली उल्हा इस्लामिया फुलत, मदरसा माजबिन जबाल खानजहांपुर, मदरसा उम्मे आयशा लिल बनात खानजहांपुर, सम सुल उल उलूम चंदसीना, मदरसा कासिम उल उलूम चंदसीना आदि मदरसों के प्रबंधक कोई मान्यता का साक्ष्य नही दिखा पाए। टीम ने 12 बिंदू पर जांच पड़ताल की।
एबीएसए पंकज अग्रवाल ने बताया कि शनिवार को लगभग 15 मदरसों की जांच की गई। किसी भी मदरसे के पास मान्यता का कोई साक्ष्य नही पाया गया। सभी की रिपोर्ट बनाकर उच्चाधिकारियों को प्रेषित की जाएगी।