शौचालय निर्माण में धांधली, भीतर से कच्चा छोड़ा जा रहा गड्ढा
मुजफ्फरनगर। पीएम मोदी के ड्रीम प्रोजेक्ट स्वच्छ भारत मिशन के तहत बनाए जा रहे शौचालयों में धांधली हो रही है। इसमें घोटाले की भी बू उठ रही है। गांवों में बनाए जा रहे शौचालयों के गड्ढे भीतर से कच्चे छोड़कर ऊपर से पटने ढके जा रहे हैं। शौचालयों पर जो पटने ढके गए, वह एक सप्ताह भी नहीं पकड़ सके। पटने टूट कर ग्रामीणों के हाथ में आ गए। मामले की उच्चस्तरीय शिकायत होने पर अधिकारियों में हड़कंप मचा है।
खुले में शौच से मुक्ति दिलाने के लिए जिला और ग्रामीण स्तर पर सर्वे कराया गया। इसके बाद शौचालयविहीन परिवारों को अनुदान देकर शौचालय निर्माण कराए जाने हैं, ताकि गांवों को ओडीएफ घोषित किया जा सके। अभियान को सफल बनाने के लिए गांवों में परिवारों के शौचालय बनाए जा रहे हैं। सदर तहसील के गांव जट नंगला में करीब 50 परिवार खुले में शौच करने वाले निकले। प्रशासन ने इन्हें 6-6 हजार की अनुदान राशि देकर शौचालय बनाए जाने के निर्देश दिए। गांव के प्रधान और सेक्रेट्री ग्रामीणों से अनुदान के चेक लेकर खुद शौचालय बनाने का कार्य कर रहे हैं। गांव में 25 मई को करीब दस परिवारों के शौचालय बनाए गए। इसके निर्माण में धांधली की जा रही है। गड्ढों को बाहर से प्लास्टर किया जा रहा है, जबकि भीतर से कच्चा छोड़ने के साथ ही प्लास्टर भी नहीं किया जा रहा है। पांच दिन बाद ही ग्रामीण धर्मेंद्र, खदरो, नैन सिंह, मोबीन आदि के शौचालयों के पटने एक झटके में टूटकर हाथ में आ गए। ऐसे में शौचालय निर्माण में धांधली उजागर होने के साथ ही घोटाले की भी बू उठ रही है। ग्राम प्रधान करन सिंह ने कहा कि शौचालय सबके पक्के बनाए जा रहे हैं। कोई धांधली नहीं है। कोई भी गांव आकर जांच पड़ताल कर सकता है।
12 हजार रुपये मिलेंगे प्रति परिवार
मुजफ्फरनगर। शौचालय निर्माण के लिए गांव में इस योजना के पात्र को 12 हजार रुपये की अनुदान राशि मिलेगी, जिसमें छह हजार पहले और छह हजार बाद में दिए जाएंगे।