जात-पात और धर्म से ऊपर उठकर हिंदुस्तानियों की सुरक्षा की मांग
देवबंद। जमीयत उलमा-ए-हिंद (देवबंद यूनिट) ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को मांग पत्र भेजकर जात-पात और धर्म से ऊपर उठकर आम हिंदुस्तानियों की जान माल की सुरक्षा किए जाने की मांग की है। इसके साथ ही उन्होंने पुलवामा हमले में शहीद हुए जवानों के परिवार को उचित मुआवजा दिए जाने की भी मांग की है।
सोमवार को जमीयत उलमा-ए-हिंद के नगर महासचिव मौलाना मुफ्ती खादिमुल इस्लाम कासमी के नेतृत्व में पदाधिकारियों ने पीएम मोदी के नाम सात सूत्रीय मांगपत्र तहसीलदार हर्ष चावला को सौंपा। मांग पत्र में कश्मीर के पुलवामा में हुए आतंकी हमले की कड़ी निंदा करते हुए उन्होंने शहीदों के परिवार वालों को उचित मुआवजा दिए जाने की मांग की। इसके अलावा कहा कि जमीयत उलमा-ए-हिंद वर्ष 1919 से लेकर आज तक अपने प्यारे मुल्क हिंदुस्तान में आपसी भाईचारा फैलाती चली आ रही है। दहशतगर्द जो देश व जनता को नुकसान पहुंचाते हैं, उनकी सही जांच कराकर दोषियों को फांसी की सजा दिए जाने, जातपात और धर्म से ऊपर उठकर आम हिंदुस्तानियों के जान माल की सुरक्षा किए जाने, स्कूल-कालेजों और मदरसों के छात्रों को एक ही नजरिये से देखे जाने और मदरसों की देशभक्ति को किसी गलत नजरिये से न देखने, कश्मीर से लेकर कन्या कुमारी तक किसी भी यात्री या भारतीय नागरिक को गलत नजर से न देखे जाने की मांग की। कहा कि लोस चुनाव नजदीक है और मुल्क के दुश्मन गंदी राजनीति करने वाले लोग अपने मकसद में कामयाब होना चाहते हैं, इसलिए मुल्क में भाईचारा कायम रखा जाए। अधिकारियों को आपसी भाईचारे को कायम कराएं जाने तथा गलत बयानों के जरिये मुल्क में नफरत फैलाने वालों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई कराए जाने के लिए आदेशित किए जाने की मांग की है। ज्ञापन देने वालों में उपाध्यक्ष मौलाना मसरूर अहमद कासमी, कोषाध्यक्ष कारी फौजान, मौलाना मसूद अहमद, फखरुद्दीन अहमद अंसारी, मो. आरिफ, मो. शहजाद आदि शामिल रहे।