मुजफ्फरनगर। पूरे देश में इन दिनों पशुओं की गणना का काम चल रहा है। जनपद में भी पशुपालन विभाग के कर्मचारी इसमें लगे हुए हैं। इस बार आनलाइन हो रही पशु गणना में नेटवर्क बड़ा अड़ंगा लगा रहा है। दरअसल गांवों में नेटवर्क नहीं मिलने से कर्मचारियों को आनलाइन डाटा फीडिंग में परेशानी हो रही है। वह जैसे-तैसे करके डाटा फीडिंग कर रहे हैं।
प्रत्येक पांच वर्ष में होने वाली पशु गणना का कार्य अब तक राजस्व विभाग के जिम्मे रहता था, लेकिन इस बार भारत सरकार ने इसमें बदलाव कर दिया है। पशुपालन विभाग को पशुओं की गणना का कार्य दिया गया है। खास बात यह है कि अबकी बार पशु गणना ऑनलाइन हो रही है। गणना कर्मचारियों को टैबलेट दिए गए हैं। वह मौके पर पहुंचकर जीपीएस के जरिए टैबलेट में लोकेशन फीड करेंगे। उसके बाद पशुओं की गणना का डाटा भरेंगे। इस सारी प्रक्रिया में मोबाइल नेटवर्क बड़ा रोड़ा बना हुआ है। टैबलेट में बीएसएनएल के कनेक्शन हैं, लेकिन बहुत से गांवों में कंपनी का नेटवर्क नहीं होने या स्पीड कम होने के कारण काम नहीं हो पा रहा। गणना में लगे एक कर्मचारी ने बताया कि कुछ गांवों में बीएसएनएल का नेटवर्क नहीं है। शुरुआत के दिनों में उन्हें काफी परेशानी हुई। काम भी अवरुद्ध हुआ, लेकिन बाद में उन्होंने अपने मोबाइल के नेटवर्क से टैबलेट पर डाटा फीड किया। गणना में लगे अधिकांश कर्मचारी इसी तरह डाटा फीड कर रहे हैं। बताया कि गांवों में इंटरनेट की स्पीड धीमी है। लोकेशन और डाटा फीड करने में परेशानी होती है। एक एंट्री में ही काफी समय लग जाता है।
इन्होंने कहा...
पशु गणना का कार्य तेजी से चल रहा है। कहीं नेटवर्क की परेशानी हुई तो उसे दूर करा दिया गया है। गणना में लगे सभी कर्मचारी काम कर रहे हैं। - डॉ हुकुम सिंह, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी।