पुरकाजी। दलित किशोरी की गैंगरेप के बाद हुई हत्या की घटना में दर्ज मुकदमे को लेकर दर्जनों लोगों ने थाने का घेराव किया। आरोप लगाया कि मुकदमे में की गई नामजदगी को फर्जी है। इंस्पेक्टर ने मामले की जांच कर कार्रवाई का आश्वासन दिया।
बुधवार को क्षेत्र के एक गांव में दलित किशोरी की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी। मृतका के परिजनों ने पड़ोस की एक महिला पर किशोरी को मजदूरी कराने के बहाने ले जाकर उसके साथ गैंगरेप कराने का आरोप लगाया था। पुलिस ने आरोपी महिला को हिरासत में ले लिया था। बृहस्पतिवार रात को शव के दाह संस्कार को लेकर बखेड़ा हुआ था। परिजनों ने रिपोर्ट दर्ज किए बिना दाह संस्कार करने से इंकार कर दिया था। बाद में पुलिस ने आरोपी महिला, उसकी पुत्री और ग्राम धमात निवासी दो नामजद और चार अज्ञात लोगों के विरुद्ध अपहरण, गैंगरेप, हत्या और पॉक्सो में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। आरोपी महिला, उसकी पुत्री और ग्राम धमात के आरोपी संदीप को गिरफ्तार कर लिया था।
मुकदमे में की गई नामजदगी और युवक की गिरफ्तारी के विरोध में शुक्रवार को ग्राम धमात के दर्जनों लोग थाने पहुंचे। नामजदगी को गलत बताते हुए आरोप लगाया कि बाहरी क्षेत्रों के कुछ लोग क्षेत्र में आकर माहौल खराब करने की कोशिश कर रहे हैं। पुलिस उनके दबाव में आकर बेगुनाह लोगों का उत्पीड़न कर रही है। इंस्पेक्टर विजय सिंह ने मामले की जांच कर कार्रवाई का आश्वासन देकर उन्हें शांत किया। इस दौरान जिला पंचायत सदस्य सचिन शर्मा, प्रधान के पति राजकुमार, पूर्व प्रधान लाल सिंह, भंवर सिंह, सन्नी गुर्जर, नरेश कुमार, रमेश चंद शर्मा, राजकुमार, अजीत कुमार, रतन सिंह, ब्रिजेश शर्मा, जसवीर गुर्जर, रामसिंह, देवेंद्र कुमार आदि मौजूद रहे।
थाने के चक्कर काट रहा दंपति
पुरकाजी। भोजाहेड़ी में बुधवार को किसी बात को लेकर दो पक्षों में विवाद हो गया था। जिसमें हुई मारपीट में महिला संजीता व उसका पति बाबू राम घायल हो गए थे। घायलों ने रात्री में ही थाने पहुंचकर पुलिस को तहरीर देकर आरोपी रंधीर के विरुद्घ कार्रवाई की मांग की थी। पीड़ित दंपति द्वारा थाने के कई चक्कर काटने के बावजूद भी पुलिस कोई कार्रवाई नहीं कर रही है। शुक्रवार को थाने पहुंचे दंपति ने पुलिस से आरोपी के विरुद्ध कार्रवाई की गुहार की है।