शौच धर्म ही दिखाता है मोक्ष का मार्ग
खतौली (मुजफ्फरनगर)। नगर के सभी नौ जैन मंदिरों में दस दिवसीय पर्यूषण पर्व के अंतर्गत मंगलवार को उत्तम शौच धर्म की आराधना की गई। विधानाचार्य जी ने मंत्रोच्चार के साथ श्रीजी का अभिषेक व पूजन संगीत के साथ भक्तिभाव से कराया। साथ ही शांतिधारा अर्पित की गई।
जैन मंडी मंदिर में सोमवार रात को सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुति की गई। धर्मसभा में अंतसमती व आमर्षमती माता जी ने श्रद्धालुओं को बताया शौच का अर्थ पवित्रता उज्जवलता से है। शौच धर्म तो आत्मा को उज्ज्वल करने से होता है। उत्तम गुणों की अनुमोदना करने से शौच धर्म होता है। आत्मा की पवित्रता चाहते हो तो अन्याय से धन ग्रहण मत करो। अशुभ भावों की कमी करके ही आत्मा पवित्र बनती है। शौच ही मोक्ष का मार्ग दिखलाता है। दिगंबर जैन महासमिति व जैन मिलन व ज्योति ने पार्श्वनाथ चालीसा पाठ कराया। आयोजन में सुभाष टीकरी, सिद्धार्थ, तुषांग, विनोद जैन, संजय किरयाना, दीपक, रेखा, रेणु, विपिन अरिहंत, अकलंक, राकेश सभासद, निर्दोष, अशोक सर्राफ, शीलचंद, उपेंद्र, श्रीपाल, हितेश इंजीनियर, नीरज जैन प्रवक्ता, मेघा, शशी, दीप्ति, प्रज्ञा, सोनी, डॉ. ज्योति, अशोक शास्त्री, तरुषी, गीता आदि शामिल रहे।