हास्पिटल में गंदगी देख नाराज हुईं आराधना
मुजफ्फरनगर। प्रमुख सचिव परिवहन एवं जिले की नोडल अधिकारी आराधना शुक्ला ने प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र का निरीक्षण किया। स्वास्थ्य केंद्र पर गंदगी देखकर वह नाराज हुईं। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर स्वच्छ पेयजल मिलना चाहिए। उन्होंने साफ-सफाई और प्रतिदिन बैडशीट बदलने के भी निर्देश दिए।
जड़ौदा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के निरीक्षण के दौरान उन्होंने उपस्थिति रजिस्टर का अवलोकन करते हुए प्रभारी चिकित्सक सहित सभी स्टाफ की भौतिक उपस्थिति भी चेक की। निरीक्षण में चिकित्सक, पैरामेडिकल स्टाफ सहित सात लोग सहित एक संविदाकर्मी कार्यरत हैं, जो उपस्थित मिले। शौचालय के साफ नहीं पाए जाने पर नाराजगी जताई। प्रमुख सचिव ने प्रभारी चिकित्सक को व्यवस्था सुधारने के लिए कड़ी फटकार लगाई और कैंपस में साफ सफाई के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि चिकित्सक कैंपस में ही प्रवास करें। निरीक्षण में पाया गया कि रात्रि में मरीज को रोका नहीं जाता है। एक मरीज सूर्यमल को 104 बुखार होने के बाद भी रोका नहीं गया और डिस्चार्ज कर दिया। पर्चे पर एडवाइज भी नहीं लिखी गई। प्रमुख सचिव ने औषधि स्टोर का भी निरीक्षण किया। उन्होंने स्टॉक रजिस्टर एवं डिस्पेच रजिस्टर भी देखे। उन्होंने आयरन, फोलिक आदि की भी उपलब्धता भी देखी। विटामिन ए की 10 शीशी दी गई थीं, एक शीशी शेष पाई गई है।
उन्होंने चिकित्सक चन्द्रकिशोर से दवाइयों की सूची देखी और दवाइयों की उपलब्धता की जानकारी ली। प्रमुख सचिव ने डिलीवरी कक्ष का निरीक्षण भी किया। निरीक्षण में लाईट चालू नहीं पाई गई। प्रमुख सचिव ने जड़ौदा बस स्टैंड से ईलाज के लिए आए बच्चे नाजिया, सोफिया, प्रवीण से बात की और उन्हें मिठाई खाने के लिए पैसे दिए। सीडीओ अंकित कुमार अग्रवाल, सीएमएस, एसडीएम सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।