ख्वाजा पीर खुशहाल के प्रथम उर्स का समापन
मोरना। हजरत ख्वाजा सूफी मोहम्मद खुशहाल के प्रथम उर्स का समापन रविवार को जिक्रे इलाही व गुस्ल के उपरांत हो गया। इस मौके पर चादरपोशी, गुलपोशी की गई व महफिल मिलाद के बाद कव्वालियों का आयोजन हुआ। रविवार को अकीदतमंदों की भारी भीड़ कार्यक्रम में भाग लेने के लिए पहुंची तथा उर्स की आखिरी रस्म में भाग लिया। देश विदेश से पहुंचे श्रद्धालुओं ने चादरपोशी कर सज्जादानशीं हजरत ख्वाजा सूफी मोहम्मद जव्वाद खुशहाली की कदमबोसी की।
मोरना क्षेत्र के गांव बिहारगढ़ स्थित खानकाहे खुशहाल मियां की चिल्लागाह शरीफ पर आयोजित चार दिवसीय उर्स का समापन पारंपरिक रूप से हो गया। ख्वाजा पीर खुशहाल मियां के प्रथम उर्स के समापन के मौके पर चिल्लागाह को आकर्षक रंगीन लाइटों व फूलमालाओं से सजाया गया। विशाल लंगर के अलावा चाय, पानी आदि की व्यवस्था की गई थी। चिल्लागाह के खादिम ताजीम इलाही व सूफी दिलनवाज खान ने बताया कि सरकार के प्रथम उर्स में शिरकत करने के लिए दुबई, श्रीलंका, वियतनाम, यूरोप, बांग्लादेश आदि देशों सहित कर्नाटक, पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, महाराष्ट्र, उत्तराखंड आदि राज्यों व क्षेत्र से हजारों अकीदतमंद पहुंचे तथा गुस्ल की रस्म के बाद तर्बरुक को बांटा गया। श्रद्धालुओं ने चादरपोशी कर सज्जादानशीं ख्वाजा जव्वाद अहमद शाह खुशहाली की कदमबोशी की। कार्यक्रम की व्यवस्था में शुजाहत हुसैन की मुख्य भूमिका रही। इस मौके पर मंजर काजमी, फखरूदीन, जुल्फुकार, सरदार सुखविंद्र सिंह आदि उपस्थित रहे। वहीं, कलियर शरीफ से आए कव्वाल गुलाम हुसैन, जावेद अब्बास ने कव्वालियों से समां बांधा।