गंगा को निर्मल बनाना सभी की जिम्मेदारी
मोरना। वन विभाग शुकतीर्थ के तत्वावधान में उत्तर प्रदेश गंगा हरीतिमा अभियान और वृक्ष भंडारा का आयोजन गुरुकुल आश्रम में किया गया। मुख्य अतिथि शुकदेव आश्रम शुक्रताल के पीठाधीश्वर स्वामी ओमानंद सरस्वती ने कहा कि मां गंगा का प्रदूषण मुक्त निर्मल और अविरल प्रवाह भारतीय राष्ट्रीय जीवन की मौलिक आवश्यकता है।
कार्यक्रम का शुभारंभ करते हुए स्वामी ओमानंद सरस्वती ने कहा कि गंगा के निर्मल प्रवाह तथा उसके सतत संरक्षण गंगा तटीय क्षेत्र में बसे हुए लोगों के जीवन स्तर को सुधारने एवं संबंधित समग्र विकास के लिए यह अभियान जन-जन के हित में है। गंगा को प्रदूषण मुक्त करने का जन-जन का दायित्व है। गंगा के अस्तित्व को बचाए रखने के लिए रचनात्मक और सामूहिक प्रयास तथा संघर्ष की आवश्यकता है। इसी अभियान गंगा के दोनों और तटों पर वृहद वृक्षारोपण कर किनारों को आच्छादित किया जाएगा। वृक्ष, पेड़, पौधे जीवन रक्षक है। वो हमें जीवन दान देते हैं। भारत की आध्यात्मिक सांस्कृतिक और आर्थिक समृद्धि में पेड़ पौधे की बड़ी भूमिका है। गंगा हमारी पूजनीय माता है। नगर में वन्य संरक्षण को लेकर रैली निकाली गई, जिसको स्वामी जी ने शुकदेव तिराहे से झंड़ी दिखाकर रवाना किया। रैली में कई स्कूलों के बच्चों ने भाग लिया। वन संरक्षक सहारनपुर, सुनील दूबे, सिंहराज सिंह पुंडीर रेंजर, खुर्शीद आलम, शबी हैदर, नत्थू, सतेंद्र, प्रमोद आदि ने मुख्य भूमिका निभाई। संचालन अजय कृष्ण शास्त्री ने किया तथा अध्यक्षता स्वामी आनंद वेश महाराज ने की। प्रधानाचार्य प्रेमशंकर मिश्र, ज्ञानदास आचार्य, महकार सिंह, विनोद शर्मा चेयरमैन आदि मौजूद रहे।