खतौली। गीता भवन में आयोजित श्रीराम कथा के आठवें दिन कथा व्यास साध्वी दीपिका भारती जी ने कहा कि भक्त हनुमान ने मां सीता की खोज हेतु सौ योजन का समुद्र पार करते वक्त मार्ग में असंख्य बाधाओं का सामना किया और प्रभु राम की प्रेरणा पाकर लंका का दहन कर डाला।
साध्वी ने कहा कि हनुमान जी के मार्ग में जो भी बाधाएं आई वो मानव जीवन के विकारों को दर्शाती हैं। इन विकारों से मुक्त होने के लिए आवश्यकता है कि हम निरंतर प्रभु के नाम का सुमिरन करते रहें और सीता रूपी भक्ति की खोज कर सदा के लिए प्रभु श्रीराम के चरणों में स्थान प्राप्त करें। साध्वी ने कहा कि सुंदर कांड एक ईश्वरीय संकेत है, जो हर मनुष्य के जीवन में निरंतर घटित हो रहा है, पर आज मानव इस संकेत को अपनी अज्ञानतावश समझ नहीं पा रहा, जिसके कारण वे दुखों से घिरा हुआ है। विज्ञान, अध्यात्म एवं भक्ति से भरपूर्ण इस अद्भुत ग्रंथ को केवल एक ब्रह्मज्ञानी संत की कृपा से ही जीवन में उतारा जा सकता है। आशुतोष महाराज जी वो सत्ता हैं, जो आज ब्रह्मज्ञान द्वारा मनुष्य को ईश्वर का दर्शन कर रहे हैं। कथा में मनोज अग्रवाल, मुकेश दत्त शर्मा, कुलदीप शर्मा, विकास गुप्ता, प्रभात गुप्ता आदि का विशेष सहयोग रहा।